-
भाजपा और कांग्रेस ने राज्य सरकार पर साधा निशाना
-
जब सरकार नेतृत्वविहीन हो जाती है तो होती हैं ऐसी बेतुकी बातें – पृथ्वीराज हरिचंदन
-
टिकट नहीं मिलने के डर से बीजद नेता कर रहे हैं 5-टी सचिव का समर्थन – शरत पट्टनायक

इण्डो एशियन टाइम्स, भुवनेश्वर।
ओडिशा में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निजी सचिव वीके पांडियन के जिलों के तूफानी दौरों को लेकर तेज हुई राजनीति में कोई कमी नहीं दिख रही है। 5-टी सचिव के बचाव में बीजद के कई नेताओं और समर्थक मैदान में उतर गए हैं, लेकिन विपक्ष लगातार हमला बोल रहा है।
प्रदेश भाजपा महासचिव पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि जब सरकार नेतृत्वविहीन हो जाती है तो ऐसी बेतुकी बातें होती हैं। जो लोग पर्दे के पीछे रहते थे, वे अब शासन करने लगे हैं। राजनीतिक दृष्टिकोण से समर्थन दे रहे बीजद नेताओं को अपनी अंतरात्मा की आवाज को समझने और सुनने की जरूरत है। हरिचंदन ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राज्य में सरकार सिर विहीन हो गयी है। इस कारण पर्दे के पीछे रहने वाले लोग बाहर आकर सरकार चलाना प्रारभ कर दिया है। राजनैतिक दृष्टि से बीजद के नेता उन्हें प्रोत्साहन व समर्थन दे रहे हैं, लेकिन सवाल है कि बीजद के नेताओं के स्वाभिमान उन्हें सवाल कर रहा है कि नहीं।
उन्होंने कहा कि एक सचिव का मुख्यमंत्री की सभा हो या फिर प्रधानमंत्री की सभा हो, उसमें जाकर संबोधित करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनीति में इसका स्थान नहीं है। संविधान और विधि व्यवस्था में भी इसका स्थान नहीं है। बीजद नेताओं के पास यदि सामान्य मात्रा में स्वाभिमान होता, तो वे इसका समर्थन कतई नहीं करते। 5-टी सचिव का दौरा लोकतांत्रिक प्रक्रिया की हत्या है। मुख्यमंत्री ने खुले तौर पर शासन व्यवस्था को आउटसोर्स कर दिया है। उनके स्थान पर दूसरा व्यक्ति शासन कर रहा है। लोकतंत्र के हत्यारे को भाजपा विरोध करती रहेगी।
इधर, 5-टी सचिव के मालकानगिरि दौरे का भी जमकर विरोध किया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद जुएल ओराम ने सवाल किया कि एक आईएएस अधिकारी सीधे राजनीति में कैसे शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियों को बताने के लिए मालकानगिरि में मौजूद ओराम ने इस मामले पर ओडिशा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कैसे एक आईएएस अधिकारी आचार संहिता का उल्लंघन कर रहा है और राज्य में मुख्य सचिव के रहते हुए मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहा है? केंद्र ने पहले ही जांच का आदेश दे दिया है और मुझे उम्मीद है कि कार्रवाई की जाएगी।
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष शरत पट्टनायक ने आरोप लगाया कि बीजद नेता 5-टी सचिव का समर्थन कर रहे हैं। उन्हें डर है कि उन्हें टिकट नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हालांकि राज्य की जनता उन्हें स्वीकार नहीं करेगी। पटनायक ने कहा कि सरकारी अधिकारियों को सरकारी गाइडलाइन का अनुपालन करना चाहिए। यदि उन्हें राजनीति करने की इच्छा है तो नौकरी से त्यागपत्र देकर राजनीति में आना चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि यदि मुख्यमंत्री कार्यालय सभी स्थानों पर जा रहा है, तो फिर जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी क्या कर रहे हैं। इस बीच, विपक्षी दलों द्वारा लगाए गए आरोपों पर ओडिशा सरकार या बीजद नेताओं से कोई टिप्पणी नहीं मिल सकी थी।
Posted by: Desk, Indo Asian Times
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
