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विशेष अदालत में 50 हजार का जुर्माना भी लगाया

इण्डो एशियन टाइम्स, भुवनेश्वर।
भुवनेश्वर की एक विशेष अदालत ने कल मंगलवार को गुनुपुर के पूर्व विधायक राममूर्ति गमांग को उनकी पत्नी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
शनिवार को अदालत ने गमांग को उसकी पत्नी शशिरेखा की हत्या के 28 साल पुराने मामले में दोषी ठहराया था। अदालत ने 11 गवाहों को सुनने और 15 दस्तावेजों और कई परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को देखने के बाद अपना फैसला सुनाया है।
उल्लेखनीय है कि शशिरेखा का आधा जला हुआ शव 28 सितंबर, 1995 को भुवनेश्वर के खारवेलनगर स्थित पूर्व विधायक के आवास से बरामद किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, पीड़िता गर्भवती थी।
खारवेलनगर पुलिस ने तब अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया था। बाद में उन्होंने इसे हत्या के मामले में बदल दिया। आरोपी पर आईपीसी की धारा 302 और 201 के तहत हत्या और सबूत नष्ट करने का आरोप लगाया।
राममूर्ति ने पहले यह कहते हुए अनभिज्ञता जताई थी कि उनकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली है और वह किसी भी तरह से इस मामले से जुड़े नहीं हैं।
सरकारी वकील, रश्मिरंजन ब्रम्हा ने कहा कि पीड़िता को जिंदा जला दिया गया था। मामले की सुनवाई के बाद, 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है और इसे जमा नहीं करने पर 1 साल की जेल की सजा होगी। अदालत ने हत्या के लिए आजीवन कारावास की सज़ा भी सुनाई है।
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