
इण्डो एशियन टाइम्स, कटक।
मानसून और निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण लगातार हो रही बारिश ने कटक शहर को घुटनों पर ला दिया है। हालांकि अभी तक वास्तविक रूप में मानसून की बारिश होनी बाकी है और पूरा का पूरा बारिश का सीजन भी बाकी है, लेकिन शुरुआत में ही जलजमाव ने लोगों के समक्ष समस्या खड़ी कर दी है। इसका कारण जाइका परियोजना है, जो लोगों के लिए अभिशाप साबित हो रही है। यह परियोजना लोगों के लिए जंजाल बन गई है। वर्षों से चल रहा काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण थोड़ी सी बारिश में शहर जलबंदी हो जाता है।
इस बीच रविवार को हुई भारी बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है। जहां घुटनों तक नाली का पानी सड़कों पर बह रहा था। कई जगहों पर नाली का पानी घरों में भी घुस गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने वर्तमान स्थिति के लिए मकरबाग क्षेत्र में जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जाइका) द्वारा चल रहे बॉक्स ड्रेन कार्य को जिम्मेदार ठहराया है।
मकरबाग इलाके निवासियों का कहना है कि बिना बारिश के आज हम जिस समस्या का सामना कर रहे हैं, वह जाइका के काम के कारण है। इलाके की एक अन्य निवासी संगीता शर्मा ने कहा कि हमारा इलाका नाली के पानी से भर गया है, जिससे हमें घर के अंदर रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यहां तक कि दूधवालों और सब्जी विक्रेताओं ने भी हमारे इलाके में आना बंद कर दिया है। जाइका इलाके में छोटे नालों को बंद करके बॉक्स ड्रेन का काम कर रहा है।
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