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बालेश्वर के जिलाधिकारी विद्यालय का दौरा
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कहा-तोड़ा जा सकता है स्कूल का भवन
बालेश्वर। रेल हादसे में मारे गए लोगों पार्थिव शरीर को रखने के लिए बालेश्वर जिले में घटनास्थल के पास जिस स्कूल का प्रयोग किया गया था, उस पर डर का साया मंडराने लगा है। लोगों को चिंता है कि इतने शव रखे जाने के बाद बच्चे कैसे जाकर वहां पढ़ाई करेंगे। यह बात बालेश्वर शहर में चर्चा का विषय बनने के बाद बालेश्वर के जिलाधिकारी दत्तात्रेय भाऊ साहब सिंदे ने आज जिले के बाहनगा हाईस्कूल पहुंचे। गत शुक्रवार को बाहनगा रेलवे स्टेशन के पास हुए भीषण दुर्घटना के बाद शवों को इस स्कूल में रखा गया था। इसके बाद से स्कूल के बच्चों व अभिभावकों ने इस स्कूल में कैसे पढ़ाई कैसे होगी, इस पर सवाल उठाया था।इस स्कूल को देखने के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि इस स्कूल के पुराने भवन को
तोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन कमेटी द्वारा इस संबंध में लिखित रुप से मांग किये जाने के बाद सरकार से इस बारे में अवगत कराया जाएगा और सरकार के निर्णय के बाद आगामी कदम उठाया जाएगा।
उधर, स्कूल की प्रबंधन कमेटी के सदस्यों का कहना है कि इस हादसे के बाद वहां शव रखे गये थे। खून के धब्बे अभी भी हैं। इस कारण बच्चे यहां आने से डर रहे हैं।
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