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रथयात्रा से संबंधित अनुष्ठानों का समय हुआ तय
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छतीशा नियोग की बैठक आयोजित
पुरी। पुरीधाम में हर साल की तरह इस साल महाप्रभु श्री जगन्नाथ और उनके भाई-बहनों की देवस्नान पूर्णिमा उत्सव चार जून को और विश्वविख्यात वार्षिक रथयात्रा 20 जून को आयोजित होगी। इन कार्यक्रमों को लेकर कल पुरी में श्रीमंदिर के सेवायतों की छतीशा नियोग की बैठक में अंतिम रूप दिया गया।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के एक अधिकारी ने बताया कि 19 जून को भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहनों का नवयौवन दर्शन अनुष्ठान होगा।
देवताओं की बहुड़ा यात्रा 28 जून को तथा सोना बेश 23 जून को, अधर पणा अनुष्ठान 30 जून को और नीलाद्रि बिजे अनुष्ठान एक जुलाई को आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के अनुसार, सेवायत 4 जून को सुबह 9.30 बजे से 11.30 बजे के बीच देवस्नान पूर्णिमा उत्सव अनुष्ठान करेंगे। स्नान अनुष्ठान पूरा होने के तुरंत बाद दोपहर 12.15 बजे छेरा पंहारा अनुष्ठान किया जाएगा। दोपहर 12.30 और 2.30 बजे देवी-देवताओं का गजवेश रस्म अदा की जाएगी। स्नान वेदी पर सहाना मेला दर्शन शाम 6 बजे से रात 9.30 बजे तक होगा। अधिकारी ने कहा कि 4 जून को रात 10 बजे औपचारिक पहंडी के माध्यम से देवताओं को अणसर गृह में ले जाया जाएगा।
20 जून को रथयात्रा के अवसर पर भगवान सुदर्शन के साथ देवताओं की पहंड़ी शोभायात्रा सुबह 9.30 बजे शुरू होगी। रथ खींचने का काम शाम 4 बजे शुरू होगा।
28 जून को बाहुड़ा यात्रा के अवसर पर दोपहर 12 बजे से देवताओं की पहंड़ी शोभायात्रा निकलेगी। भगवान श्री जगन्नाथ और उनके भाई-बहनों की वापसी यात्रा 28 जून को शाम 4 बजे शुरू होगी। 29 जून को शाम 6 बजे तक श्रीमंदिर के सिंहद्वार पर देवताओं को उनके रथों पर सोने के आभूषणों से सजाया जाएगा। भक्तों को 29 जून को रात 10 बजे तक देवताओं के सोना वेश में दर्शन करने का अवसर मिलेगा।
बताया गया है कि बैठक में एसजेटीए के मुख्य प्रशासक रंजन कुमार दास, पुरी जिला कलेक्टर (प्रभारी) प्रदीप कुमार साहू, एसपी कंवर विशाल सिंह, श्रीमंदिर प्रबंध समिति के सदस्य और वरिष्ठ सेवायात छतीशा नियोग की बैठक में उपस्थित थे।
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