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विक्रम केसरी आरुख, शिक्षा मंत्री समीर रंजन दाश व श्रम मंत्री श्रीकांत साहू ने भी दिया इस्तीफा

भुवनेश्वर। शुक्रवार की शाम को अचानक राज्य विधानसभा के अध्यक्ष विक्रम केसरी आरुख ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। इसके कुछ ही समय बाद राज्य सरकार में विद्यालय व जनशिक्षा मंत्री समीर रंजन दाश व श्रम मंत्री श्रीकांत साहू ने भी अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। त्यागपत्र देने वाले दो मंत्रियों के खिलाफ कुछ माहों से विपक्ष आरोप लगा रहा था।
इस्तीफा देने वाले दोनों मंत्रियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार वे त्यागपत्र दे रहे हैं। वे आगामी दिनों में पार्टी संगठन में कार्य करेंगे।
राज्य के श्रम मंत्री के पद से त्यागपत्र देने वाले श्रीकांत साहू पिछले जून माह में पहली बार मंत्री बने थे। बीजू जनता दल के एक पुरानी महिला कार्यकर्ता ने हाल ही में उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसके बाद से ही वह लगातार विवादों में थे। प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग लगातार कर रही थी। भाजपा ने इस मुद्दे पर जन आंदोलन भी किया था।

इसी तरह राज्य के विद्यालय व जनशिक्षा मंत्री समीर रंजन दाश भी विवादों के घेरे में आ गये थे। बीजू जनता दल के एक जिला परिषद सदस्य धर्मेन्द्र साहू की मृत्यु की घटना को लेकर उन पर आरोप लगा था। भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर जोरदार लगातार आंदोलन किया था।
राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि अपने मंत्रिमंडल को साफ सुथरा रखने के लिए व छबि अच्छी करने के लिए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इन दोनों मंत्रियों को मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दिलवाया है। विधानसभा अध्यक्ष विक्रम केसरी आरुख पर किसी भी प्रकार का आरोप न होते हुए भी उन्हें इस पद से हटाये जाने को लेकर उन्हें फिर से मंत्रिमंडल में स्थान दिये जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
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