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केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शोक व्यक्त किया
भुवनेश्वर। विशिष्ट स्वतंत्रता सेनानी, गांधी वादी व सर्वोदय नेता निशाकर दास नहीं रहे। आज सुबह साढ़े पांच बजे कोरापुट जिले के पाडुआ स्थित कुलाबीरा आश्रम में उन्होंने अंतिम सांस ली। वे 102 वर्ष के थे। साल 1921 में जाजपुर जिले के सिंहपुर में उनका जन्म हुआ था। उनके निधन पर गणमान्य लोगों ने शोक व्यक्त किया है।
वह रमा देवी, गोपबंधु चौधुरी, मनमोहन चौधुरी आदि वरिष्ठ गांधीवादी व सर्वोदय नेताओं के संपर्क में आने के बाद सर्वोदय आंदोलन में शामिल हुए थे।
वह जनजातीय बहुल कोरापुट जिले में ग्राम स्वराज्य का संदेश के प्रसार में लगे थे। उन्होंने जनजातीय इलाकों में काफी कार्य किया।
भूदान व सर्वोदय कार्यकर्ता निशाकर दास के निधन पर केन्द्रीय शिक्षा, कौशल विकास व उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
प्रधान ने ट्वीट कर कहा कि विशिष्ट स्वतंत्रता सेनानी तथा भूदान कार्यकर्ता निशाकर दास के देहांत होने की सूचना प्राप्त कर दुःखी हूं। स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान व देश के लिए उनकी सेवा हमेशा स्मरणीय रहेगा। उनकी आत्मा की सद्गति की कामना करने के साथ साथ उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।
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