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ईओडब्ल्यू एक आरोपी को धर-दबोचा
भुवनेश्वर। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 12 करोड़ रुपये की कृषि-उपकरण सब्सिडी धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को धर-दबोचा है। उसकी पहचान मैसर्स केबीके डीप एग्रो सेल्स के मालिक चौतुरा दीप के रूप में बताई गई है।
इससे पहले मैसर्स अन्नपूर्णा एग्रो इंटरनेशनल प्रा.लि. के प्रबंध निदेशक प्रदीप कुमार आचार्य और दो डीलरों, प्रभा रंजन दाश और शैक फैयाज को इस मामले में उनकी कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया था।
बताया जाता है कि मेसर्स अन्नपूर्णा एग्रो इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक द्वारा इसी तरह की धोखाधड़ी के बारे में शिकायत के बाद डिप्टी पुलिस अधीक्षक ने मामला दर्ज किया था। आरोप था कि मेसर्स अन्नपूर्णा एग्रो इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने अपने डीलरों की मिलीभगत से किसानों और योग्य लाभार्थियों के लिए सरकारी सब्सिडी का दुरुपयोग किया है।
आरोप है कि 12 करोड़ रुपये की राशि के कृषि उपकरण की खरीद के लिए सब्सिडी दी गई थी। इसके लिए जाली दस्तावेजों, ईमेल आईडी, यूटीआर आदि का उपयोग किया गया था। अन्नपूर्णा एग्रो इंटरनेशनल प्रा लिमिटेड बालेश्वर में कृषि उपकरणों की निर्माण इकाई है।
आर्थिक अपराध शाखा के अनुसार, कृषि उपकरणों के निर्माता और डीलर दोनों के रूप में फर्म डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना के तहत पंजीकृत है। यह फर्म कटाई के बाद की मशीनें, बिजली से चलने वाले उपकरण और रोटावेटर बनाता है।
सब्सिडी के लिए फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग
ईओडब्ल्यू ने कहा कि कंपनी ने पूरे ओडिशा में 115 डीलरों को नियुक्त किया है और वित्त वर्ष 2016-17 से 2019-20 के दौरान वर्तमान आरोपी चौतुरा दीप सहित डीलरों के साथ सक्रिय रूप से झूठे, नकली चालान, डेटा, सूचना और यूटीआर की एक अच्छी खासी संख्या में फर्जी दस्तावेज सब्सिडी के लिए ऑनलाइन अपलोड किया था। बताया गया है कि इस फर्जीवाड़े के जरिए 1766 कृषि उपकरणों की आपूर्ति या बिक्री के लिए और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजना के तहत करोड़ों की सब्सिडी राशि का लाभ उठाने में कामयाब रहे।
चौतुरा डूंगुरीपाली से गिरफ्तार
आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने चौतुरा दीप को कल सोनपुर के डूंगुरीपाली से गिरफ्तार किया। बताया गया है कि भुवनेश्वर स्थित ईओडब्ल्यू पुलिस स्टेशन में धारा 420/467/468/471/120-बी आईपीसी और आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 66 के तहत गिरफ्तार आरोपियों को एसडीजेएम, भुवनेश्वर के समक्ष पेश किया गया।
लाभार्थियों से अग्रिम चेक लिया
बताया गया है कि ये लोग लाभार्थी/किसान के खाते में सब्सिडी की राशि जमा होने से पहले सब्सिडी की राशि को वापस लेने के लिए लाभार्थियों से अग्रिम चेक ले लेते थे। लाभार्थियों को मामूली राशि का भुगतान कि जाता था, जबकि सब्सिडी की बड़ी राशि ले लेते थे।
मामले की आगे की जांच चल रही है।
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