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प्रदेश भाजपा ने लिखा केन्द्रीय गृह मंत्री को पत्र
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केन्द्र सरकार से हस्तक्षेप करने का अनुसार
भुवनेश्वर। संबलपुर में हनुमान जयंती पर हुई हिंसा की जांच एनआईए से कराने और पीड़ित लोगों को मुआवजा देने की मांग को लेकर भाजपा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक पत्र लिखा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर केन्द्र सरकार हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। इस पत्र में भाजपा के सांसद व विधायकों ने भी हस्ताक्षर किया है। इस पत्र के जरिये प्रदेश भाजपा ने संबलपुर में हनुमान जयंती पालन के दौरान हुए घटनाक्रम के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया है।
पत्र में बताया गया है कि हनुमान जयंती में हिंसा की आशंका व्यक्त कर केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को सचेत रहने के लिए गाइडलाइन जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद हनुमान जयंती शोभायात्रा व यात्रा के पूर्व दंगा व हिंसा के बारे में न जान पाना राज्य सरकार की खुफिया व्यवस्था की विफलता को स्पष्ट करता है। इस पत्र में सामल के साथ-साथ सांसद अपराजिता षाडंगी, विधायक मोहन माझी, नाउरी नायक, ललितेंदु महापात्र, के नारायण राव, डा बुधान मुर्मू तथा सूर्यवंशी सूरज ने हस्ताक्षर किया है।
कर्फ्यू और बंद इंटरनेट से जनजीवन प्रभावित
पत्र में कहा गया है कि कानून व्यवस्था की रक्षा के नाम पर संबलपुर में कर्फ्यू आज तक लगा है तथा पूरे जिले में इंटरनेट व्यवस्था को बंद किया गय़ा है। इस कारण जिले के लोगों को भारी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है।
बीते साल भी हुए थे हमले
पत्र में कहा गया है कि हनुमान जयंती की शोभायात्रा को पिछले साल भी वही समान स्थान पर हमला किया गया था। दो सौ से अधिक मुस्लमान संप्रदाय के लोग एकत्रित हो कर तलवार, लोहे का रड, लाठी की सहायता से संबलपुर शहर के मोतीझरन इलाके में मोटर साइकिल रैली पर हमला किया। पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में इस बात को स्वीकार किया गया है कि उन्होंने पहले से ही मोटर साइकिल रैली पर हमला करने की योजना बनाई थी। पुलिस एसपी ने भी स्वीकार किया है कि दंगा के लिए उन्होंने पूर्व से सुनियोजित योजना तैयार की थी।
यूएपीए व एनएसए जैसा धाराएं लगें
पत्र में कहा गया है कि दंगाकारियों के खिलाफ यूएपीए व एनएसए जैसा धाराएं लगाई जानी चाहिए। शोभायात्रा का वीडियो पुलिस के पास है। बीजद सरकार राजनीतिक हित को ध्यान में रखते हुए दंगाइयों को बचाने का पूरा प्रयास कर रही है। दंगाकारियों को बचा रही है और उलटे पीड़ितों को गिरफ्तार कर जेल में डाल रही है।
राष्ट्रविरोधी शक्तियां उठा रही हैं सिर
पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार के निकम्मेपन के कारण आज घुसपैठिए, सांप्रदायिक व राष्ट्रविरोधी शक्तियां यहां एकजुट होकर सिर उठा रही हैं और इसतरह के कार्य कर रही हैं। राज्य सरकार इसे रोकने में नाकाम हो रही है। इससे इस तरह की घटना राज्य के अन्य हिस्सों में फैलने की आशंका बढ़ती जा रही है। घुपसैठिय़ों द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा करने तथा वहां गैर कानूनी रुप से भवन बनाने तथा अवैध हथिय़ारों व विस्फोटक बनाया जा रहा है। स्थानीय पुलिस इस तरह की राष्ट्रविरोधी कृत्य़ों की अनदेखी कर रही है।
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