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ओडिशा की आर्थिक अपराध शाखा ने घोटाले में शामिल आरोपी मैनेजर को धर-दबोचा
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देशभर में हजारों लोग हुए हैं ठगी के शिकार
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आरोपी क्रिप्टो माइनिंग का व्यवसाय करने में करता था मदद
भुवनेश्वर। गेट्सो अर्निंग ऐप के जरिए अधिक कमाने के चक्कर में निवेश करने वाले लोगों को कुल 144 करोड़ रुपये की चपत लगी है। इस बात का खुलासा ओडिशा की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), भुवनेश्वर की जांच में हुआ है। इस मामले की जांच कर रही
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), भुवनेश्वर ने ऑनलाइन पोंजी घोटाला चलाने और निवेशकों को ठगने के आरोप में पुणे से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान महाराष्ट्र के लातूर निवासी विशाल सखाराम उत्कर के रूप में बताई गई है।
विशाल पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी और पीसीएमसीएस अधिनियम, 1978 की धारा 4, 5, 6, ओपीआईडी अधिनियम, 2011 की धारा 6 और आईटी अधिनियम की धारा 66 (सी)/66 (डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। बताया जाता है कि आरोपी को भुवनेश्वर के नयापल्ली इलाके के दिव्यज्योति कर की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
गेट्सो का प्रबंधक है आरोपी
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि ‘गेट्सो अर्निंग ऐप’ के कुछ प्रचार वीडियो देखने के बाद वह एक व्हाट्सएप ग्रुप के संपर्क में आया। एक व्यक्ति ने खुदको गेट्सो का प्रबंधक बताया था और दूसरों को क्रिप्टो माइनिंग का व्यवसाय करने में मदद करता है। इस व्यक्ति ने शिकायतकर्ता को कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया था।
प्रतिदिन 6% जैसे उच्च रिटर्न का वादा
शिकायतकर्ता ने कहा है कि इस व्यक्ति ने दैनिक निकासी सुविधा के अलावा निवेश की गई राशि पर प्रतिदिन 6% जैसे उच्च रिटर्न का वादा किया था। ईओडब्ल्यू ने एक विज्ञप्ति में कहा कि अक्टूबर 2022 से दिसंबर 2022 की अवधि के दौरान शिकायतकर्ता ने कंपनी के साथ 1.27 लाख रुपये की राशि जमा की। इसके बाद, गेट्सो व्हाट्सएप ग्रुप को बंद कर दिया गया और गेट्सो द्वारा निकासी अनुरोधों को नजरअंदाज कर दिया गया।
भारत में हजारों निवेशक हुए हैं शिकार
कंपनी ने पूरे भारत में हजारों अन्य निवेशकों की तरह उसे धोखा दिया। अकेले ओडिशा के सौ से अधिक निवेशक होंगे। आरोप है कि कुछ यूट्यूबर भी योजनाओं का प्रचार कर रहे थे। बाद में, गेट्सो ने घोषणा की कि वह क्रिप्टोकरंसी पर भारत सरकार से उच्च कराधान का दावा करते हुए भारतीय बाजार से हट रहा है। जांच के दौरान, अब तक इस घोटाले में शामिल 144 करोड़ रुपये का पता लगाया गया है। कंपनी क्रिप्टो माइनिंग के नाम पर पोंजी स्कीम चलाकर और पूरे भारत में संचालित करके ऑनलाइन मनी सर्कुलेशन चला रही थी।
आरोपी के खाते में 9 करोड़ हुए ट्रांसफर
ईओडब्ल्यू ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी विशाल सखाराम उत्कर के खाते में निवेश की गई राशि में से 9 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। आरोपी को स्थानीय छावनी अदालत, पुणे के समक्ष पेश किया गया था और ओपीआईडी कोर्ट, कटक के समक्ष पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड के आधार पर भुवनेश्वर लाया गया है।
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