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हजारों की संख्या में परीक्षार्थी अनुपस्थित रहने को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा
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राज्य में ड्राप आउट को लेकर जतायी चिंता
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कहा-स्कूलों को फाइव-टी के नाम पर पाकिस्तान के रंगों से रंग देने से पढ़ाई नहीं हो जाएगी
भुवनेश्वर। नेता प्रतिपक्ष जयनारायण मिश्र ने दसवीं बोर्ड की परीक्षा में काफी संख्या में परीक्षार्थियों के अनुपस्थित रहने को लेकर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने इस मुद्दे को काफी महत्वपूर्ण मुद्दा बताया तथा इस विभाग के मंत्री को इस संबंध में विधानसभा में बयान देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से सरकार को निर्देश देने के लिए अनुरोध किया।
आज शून्यकाल में मिश्र ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस बार के दसवीं बोर्ड की परीक्षा में 15,000 से अधिक बच्चे अनुपस्थित हैं। बच्चों के स्कूल ड्राप आउट मामले की बात करें तो ओडिशा देश के प्रथम स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों वह एक अपग्रेडेड एमई स्कूल के उद्घाटन करने के लिए गये थे। वहां उन्होंने छठी के बच्चों से पूछा कि क्या वे अ से क्ष तक लिख सकते हैं। कोई भी बच्चा इन अक्षरों को पहचानने की स्थिति में नहीं था। यदि राज्य के छठी में पढ़ने वाले बच्चों की स्थिति यह है, तो राज्य में शिक्षा की स्थिति कैसी है, इसका अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ओड़िया स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। इसलिए पढ़ाई नहीं हो रही है। स्कूलों को फाइव-टी के नाम पर पाकिस्तान के रंगों से रंग देने से पढ़ाई नहीं हो जाएगी। राज्य सरकार को इसे याद रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दसवीं बोर्ड की परीक्षा में मंत्री परीक्षा केन्द्र में जाकर फोटो खिंचवा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या इससे परीक्षा में बैठे बच्चों के एकाग्रता पर असर नहीं पड़ा होगा।
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