
भुवनेश्वर। होलिका दहन पर बिस्वास भुवनेश्वर की ओर से स्थानीय मेफेयर होटल वाटिका के समीप होलिका दहन तथा स्थानीय हिंदी कवियों द्वारा हास्य व्यंग कवि सम्मेलन आयोजित किया। कवियों का स्वागत संस्था के अध्यक्ष संजय झा और सचिव चन्द्रशेखर सिंह आदि ने शाल आदि भेंट कर किया। अशोक पाण्डेय ने पौराणिक काल से मनाई जाने वाली होली, होलिका दहन और वसंत ऋतु के फाल्गुन माह में ही होली मनाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चन्द्रमा के माध्यम से धरती पर प्रेम का आगमन होली से हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि इसीलिए होली के महत्त्व का गीत और किसानों द्वारा उनके खेतों में उपजाए जानेवाले गेहूं आदि, उनके बगीचे के तैयार कटहल की सब्जी और साक्षात भोलेनाथ द्वारा होली के अवसर पर ठंडई आदि के प्रचलन तथा होलिका दहन की पौराणिक मान्यता की जानकारी दी। मंचसंचालन किशन खण्डेलवाल ने किया तथा कवियों का परिचय हास्य विनोद अंदाज में दिया। आमंत्रित कवियों में रामकिशोर शर्मा, विक्रमादित्य सिंह, रिमझिम झा और विनोद कुमार आदि ने अपनी अपनी कविताओं की प्रस्तुति के द्वारा उपस्थित श्रोताओं की करतल ध्वनियों के बीच खूब वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम के अंत में सभी ने होली के बिहारी रात्रि भोजन के रूप में पुआ-पूड़ी, दहीबड़ा, कटहल की सब्जी और अन्य चटपटे व्यंजनों लुत्फ उठाया। इस मौके पर बिस्वास के सचिव चन्द्रशेखर सिंह ने आभार व्यक्त किया।
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