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तीन दिनों के दौरान धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना
भुवनेश्वर। 27 जनवरी के आसपास दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी और इससे सटे पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद के तीन दिनों के दौरान धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है।
यह जानकारी आज यहां भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने देते हुए बताया कि चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और निचले क्षोभमंडल स्तरों में बंगाल की दक्षिण पूर्व खाड़ी से सटे हुए हैं।
आईएमडी ने कहा है कि एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के 28 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। 28 से 29 जनवरी के बीच इससे उत्तर पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की, मध्यम और व्यापक से व्यापक वर्षा, बर्फबारी और हल्की या मध्यम स्तर पर छिटपुट वर्षा होने की संभावना है।
29 जनवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश, बर्फबारी और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि
अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा और बाद के दो दिनों में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी और उसके बाद 3-5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी। आईएमडी ने कहा कि अगले पांच दिनों के दौरान देश के बाकी हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होने की संभावना है।
आईएमडी के क्षेत्रीय केंद्र ने भी अगले 48 घंटों में ओडिशा के कई हिस्सों में हल्के से मध्यम कोहरे की भविष्यवाणी की है।
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