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कमिश्नरेट पुलिस ने कार्रवाई शुरू की
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छापे के बाद भारी मात्रा में खतरनाक मांझे के धागे जब्त
कटक। मकर संक्रांति से कटक और भुवनेश्वर में पतंगबाजी के दौरान प्रयोग किये जाने वाले खतरनाक मांझे को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। धागे में शीशा लगे होने के कारण हादसे की संभावना अधिक होती है। ऐसी स्थिति को टालने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने अभी से ही कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि ऐसे मांझे वाले धागों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा हुआ है। प्रतिबंध के बावजूद ऐसे घातक धागे बाजारों में आसानी से उपलब्ध और बिक रहे हैं। बिक्री पर रोक लगाने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और कटक में छापे के बाद भारी मात्रा में इस तरह के खतरनाक मांझे के धागे को जब्त किया है।
पुरीघाट थाने के प्रभारी निरीक्षक जतींद्र नाथ सेठी ने कहा कि हमने एक विशेष अभियान के तहत निगरानी की और इसके बाद छापेमारी के दौरान कटक की एक दुकान से भारी मात्रा में मांझा धागा जब्त किया है।
उल्लेखनीय है कि ओडिशा उच्च न्यायालय ने साल 2016 में कटक-भुवनेश्वर पुलिस को चाइनीज मांझा के धागों और अन्य मांझे की बिक्री और उपयोग पर निगरानी रखने का निर्देश दिया था, क्योंकि वे मनुष्यों, जानवरों और पक्षियों के लिए खतरनाक हैं।
साल 2021 में इस मांझे की चपेट में आने से कटक में एक नवविवाहित युवक जयंत सामल की गला काटने के बाद मौत हो गई। सामल अपनी पत्नी के साथ बाइक पर अपने ससुराल जा रहे थे। तभी उनके गले में मांजा का धागा फंस गया। इधर, व्यापारी ने कहा कि हम मांझे के धागे को कटक और भुवनेश्वर के बाजारों में बेचने के लिए नहीं लाए थे, क्योंकि यह यहां प्रतिबंधित है। हालांकि इनको अनुगूल, केंदुझर और मालकानगिरि जैसी जगहों पर भेजा गया होगा, क्योंकि वहां इस तरह का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। व्यापारी ने आगे दावा किया कि कमिश्नरेट पुलिस द्वारा जब्त किया गया सारा स्टॉक साल 2019 का है और उसके दिवंगत पिता द्वारा खरीदा गया था।
इधर, एसीपी अमरेंद्र पंडा ने कहा कि ये धागे इंसान की जान के लिए खतरनाक हैं। इस तरह के धागे विशेष रूप से पतंगबाजी के लिए बनाए जाते हैं। विश्वसनीय इनपुट मिलने के बाद छापेमारी में हमने स्टॉक को जब्त कर लिया। ऐसे धागे कोलकाता से लाए जा रहे हैं।
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