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उच्चतम न्यायालय ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को दिया निर्देश
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न्यायमूर्ति ने कामकाज में बाधा उत्पन्न करने से रोकने के लिए पुलिस की व्यवस्था करने को भी कहा
भुवनेश्वर। पश्चिम ओडिशा में राज्य के उच्च न्यायालय की स्थायी खंडपीठ की स्थापना की मांग को लेकर आंदोलन करने वाले सभी वकीलों का लाइसेंस रद्द होगा। उच्चतम न्यायालय ने आज बार काउंसिल ऑफ इंडिया को ओडिशा के कई जिलों में आंदोलनकारी वकीलों के लाइसेंस निलंबित करने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने यह भी निर्देश दिया है कि वकीलों को अदालत के कामकाज में बाधा डालने से रोकने के लिए पुलिस की व्यवस्था की जाये। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम ओडिशा के विभिन्न जिलों में आंदोलन कर रहे वकीलों को चेतावनी दी थी कि वे काम पर लौटें या परिणाम भुगतने को लेकर तैयार रहें।
अदालत ने कहा कि 100% काम फिर से शुरू किया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ओडिशा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया था कि कई जिलों में बार संघों की हड़ताल ने सभी अधीनस्थ अदालतों में न्यायिक कार्य को गंभीर रूप से बाधित किया है।
इससे पहले संबलपुर जिला बार एसोसिएशन ने कहा था कि अगर उनमें से एक को निलंबित किया जाता है तो करीब 1600 वकील अपना लाइसेंस सरेंडर कर देंगे। संबलपुर में उच्च न्यायालय की एक स्थायी पीठ की स्थापना की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने काम बंद कर रखा है।
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