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अतिक्रमण के खिलाफ हाईकोर्ट ने मंदिर को गिराने का दिया था आदेश
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कड़ी सुरक्षा के बाद आदेश का हुआ पालन
ढेंकानाल। उच्च न्यायालय के आदेशानुसार ढेंकानाल जिला प्रशासन ने आज जोरंडा गढ़ी के परिसर से तीन मंदिरों पर बुल्डोजर चला दिया। बताया जाता है कि महिमा संप्रदाय के कौपीनिधारी उप-संप्रदाय इन मंदिरों में पूजा करते थे। हालांकि, महिमा संप्रदाय के प्रतिद्वंद्वी बाकलाधारी उप-संप्रदाय का आरोप है कि ये मंदिर अतिक्रमण कर बनाये गये थे।
अतिक्रमण के खिलाफ बाकलाधारी उपसंप्रदाय ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हाईकोर्ट ने बाकलाधारी संप्रदाय के पक्ष में फैसला सुनाया था और इन मंदिरों को खाली करने का आदेश दिया था।
ढेंकानाल की उपजिलाधिकारी स्निग्धरानी ढाल ने बताया कि ‘यह काफी पुराना मामला है। यह स्वतंत्रता पूर्व के समय की है। बाकलाधारी और कौपीनिधारी दो उप-संप्रदायों के बीच का विवाद है। कौपिनीधारी इस जगह का उपयोग अपने अनुष्ठानों और पूजा के लिए करते हैं। साल 1990 में उच्च न्यायालय ने इसके निष्कासन का आदेश दिया, लेकिन आदेश पर अमल नहीं किया गया। इस साल फिर उच्च न्यायालय के आदेश के निष्पादन के लिए कोर्ट में मामला पहुंचा, जिसमें इसके पक्ष में फैसला आया। ढाल ने कहा कि इस बीच हाई कोर्ट ने अपने आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसे अब रद्द कर दिया गया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश पर अमल का आदेश दिया है।
ढाल ने कहा कि ढेंकानाल सीनियर डिवीजन कोर्ट ने अपने अमीन कमिश्नर से हाई कोर्ट के आदेश पर अमल करने को कहा है। उन्होंने कहा कि चूंकि यह धर्म से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा है, इसलिए कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। हाईकोर्ट का आदेश हमारे लिए सर्वोपरि है। हमने छह प्लाटून पुलिस बल तैनात किया है।
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