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2,57,474 मतदाता 10 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे
भुवनेश्वर। पद्मपुर उपचुनाव में एक उम्मीदवार ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया है। अब पांच दिसंबर को होने वाले पद्मपुर उपचुनाव में कुल 2,57,474 मतदाता 10 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। इस उपचुनाव के लिए 17 नवंबर को आठ निर्दलीय समेत 13 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने बताया कि दो निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन 18 नवंबर को स्क्रूटनी के दौरान रद्द कर दिए गए थे। इसके बाद एक उम्मीदवार ने आज अपना नामांकन वापस ले लिया।
सीईओ के अनुसार, 1,29,497 पुरुष, 1, 27, 965 महिलाएं, ट्रांस्जेंडर समुदाय के 12 सदस्य और 199 नौकरी करने वाले मतदाताओं सहित कुल 2,57,474 मतदाता 319 मतदान केंद्रों पर उपचुनाव में अपना वोट डालेंगे।
सूत्रों ने कहा कि कम से कम 74 बूथों की पहचान माओवादी दृष्टिकोण से संवेदनशील के रूप में की गई है, जबकि 78 अन्य को संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया गया है। उपचुनाव के सुचारू संचालन के लिए निर्वाचन क्षेत्र में केंद्रीय पुलिस बल (सीपीएफ) की कम से कम नौ कंपनियां और राज्य पुलिस की 41 प्लाटून तैनात की जाएंगी।
कम से कम 50 प्रतिशत मतदान केंद्रों (160) पर वेबकास्टिंग की जाएगी। सूत्रों ने कहा कि पांच नवंबर से निर्वाचन क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू है। मतदाता 5 दिसंबर को सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक वोट डालेंगे।
पद्मपुर निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं के लिए 5 दिसंबर को सवैतनिक अवकाश घोषित किया गया है।
गौरतलब है कि मौजूदा विधायक विजय रंजन सिंह बरिहा का तीन अक्टूबर को निधन हो जाने के कारण उपचुनाव जरूरी हो गया है। बरिहा पद्मपुर विधानसभा क्षेत्र से 2019 में बीजद के टिकट पर निर्वाचित हुए थे। सत्तारूढ़ बीजद ने विजय रंजन की बड़ी बेटी वर्षा सिंह बरिहा को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने उपचुनाव के लिए पूर्व विधायक प्रदीप पुरोहित को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस पार्टी ने उपचुनाव लड़ने के लिए अपने पूर्व विधायक सत्य भूषण साहू को चुना है।
बीजद उम्मीदवार के रूप में विजय रंजन ने 2019 के चुनावों में पद्मपुर सीट से पुरोहित को 5,500 मतों से हराया था।
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