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पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार आज सबसे अधिक प्रासंगिक – अपराजिता षाड़ंगी
भुवनेश्वर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक मौलिक चिंतक थे। वह भारतीय सभ्यता व संस्कृति के ज्ञाता थे। उनके द्वारा दिया गया अंत्योदय व एकात्म मानववाद का विचार आज सर्वाधिक प्रासंगिक है। युवा लेखक व पत्रकार रितेश पृषेठ द्वारा ओड़िया भाषा में अनुवाद किये गये विचारकों की दृष्टि में एकात्म मानववाद पुस्तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को ओडिशा के लोगों तक पहुंचाने में सहायक होगा। भाजपा के राष्ट्रीप प्रवक्ता तथा भुवनेश्वर से सांसद अपराजिता षाड़ंगी ने यह बात कही। स्थानीय जय भारत स्टैडियम में श्री पृषेठ द्वारा अनुवादित पुस्तक का विमोचन करते हुए श्रीमती षाड़ंगी ने यह बातें कही।
इस अवसर पर श्रीमती षाड़ंगी ने पंडित दीनदयाल के विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज में सबसे नीचे के पायदान पर खडे व्यक्ति को आगे लाने का सिद्धांत ही अंत्योदय का सिद्धांत है। पंडित दीनदयाल ने यह सिद्धांत दिया था। नरेन्द्र मोदी की सरकार इस सिद्धांत को लेकर अपनी योजनाएं बना कर उनका कार्यान्वयन कर रही है।
कार्यक्रम में विशिष्ट भाषाविद पद्मश्री देवी प्रसन्न पटनायक ने गांधीजी व पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों की समानता पर प्रकाश डाला। ओड़िया भाषा में इस तरह की पुस्तक प्रकाशित होने के कारण उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।
नाइजर के रेजिस्ट्रार अभय नायक ने अपने इस पुस्तक का ओडिया अनुवाद के लिए उन्होंने अनुवादक रितेष पृषेठ का धन्यवाद किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ओडिशा में पंडित दीनदयाल के संबंध में काफी कम जानकारी होने के कारण यह पुस्तक उस कमी को पूरा करने में सहायक होगी। कार्यक्रम में विशिष्ट सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण पंडा व अनुवादक रितेश पृषेठ ने भी अपनी बात रखी। विमोचन कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता सज्जन शर्मा और उमेश खंडेलवाल
भी उपस्थित थे।
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