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मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने किया उद्घाटन
कटक। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने शनिवार को कटक स्थित ओडिशा न्यायिक अकादमी में वर्चुअल मोड के माध्यम से ओडिशा के 30 जिलों में पेपरलेस कोर्ट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्य उच्च न्यायालय के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में एक विशेष पोस्टल कवर भी जारी किया गया।
बताया जाता है कि अदालतों के बढ़ते कार्यभार के परिणामस्वरूप वर्षों से भारतीय न्यायालयों में मामलों के उच्च बैकलॉग को ध्यान में रखते हुए कागज रहित अदालतों की आवश्यकता की कल्पना की गई थी। साथ में भी बताया गया है कि बोझिल कागजी कार्रवाई देरी के एक महत्वपूर्ण हिस्सा के लिए जिम्मेदार है, जो अदालत की प्रणाली की नींव बनाती है। जैसे-जैसे केस फाइलें और अन्य दस्तावेज एक साथ वर्षों तक ढेर होते हैं, जनशक्ति और भंडारण स्थान की कमी के कारण उन्हें व्यवस्थित करना मुश्किल हो जाता है।
कागज रहित न्यायालयों की नवीन अवधारणा का परीक्षण उच्चतम न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों में किया गया है, ताकि मुद्दों का समाधान किया जा सके और त्वरित न्याय प्रदान किया जा सके। एक कागज रहित अदालत बिना भौतिक रिकॉर्ड के कार्य करती है, जहां न्यायाधीश डिजीटल अदालत के रिकॉर्ड पर भरोसा करते हैं और अदालती कार्यवाही को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हैं।
आज के कार्यक्रम में राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एस मुरलीधर, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एमआर शाह, ओडिशा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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