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सुरक्षा के लिए बल का किया गया है गठन – मंत्री

भुवनेश्वर. राज्य में कुल 28 बाघ हैं. यह जानकारी वन और पर्यावरण विभाग के मंत्री विक्रम केशरी अरुख ने आज दी. वह विधानसभा में विधायक अश्विनी कुमार पात्र के पूछे गये सवाल का जवाब दे रहे थे. उन्होंने बताया कि ओडिशा में दो बाघ परियोजनाएं चल रही हैं. इसमें से एक मयूरभंज में सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व और दूसरा अनुगूल जिले में सतकोसिया टाइगर रिजर्व है. इन परियोजनाओं में 2018 की बाघ जनगणना रिपोर्ट के अनुसार, कुल 28 बाघ पाए गए हैं. इनमें रॉयल बंगाल टाइगर और तेंदुए दो प्रजातियां हैं. सिमिलिपाल में मेलेनिस्टिक टाइगर पाए जाते हैं. अरुख ने कहा कि सिमिलिपाल में चार गांवों के लोगों को आंतरिक क्षेत्र से और दो गांवों को मध्यवर्ती क्षेत्र से स्थानांतरित किया गया है. उन्होंने बताया कि सतकोसिया में एक गांव रायगुड़ा को पूरी तरह से आंतरिक क्षेत्र से स्थानांतरित कर दिया गया है. बाघों की सुरक्षा के लिए सिमिलिपाल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स और सतकोसिया टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स का गठन किया गया है. उन्होंने बताया कि
केंद्र द्वारा प्रायोजित टाइगर परियोजना के तहत ओडिशा 19.60 लाख रुपये की लागत से 40 हेक्टेयर भूमि को शाकाहारी (चराई) के लिए विकसित कर रहा है. मंत्री ने कहा कि सीएएमपीए कार्यक्रम के तहत सात तालाबों को 3.50 रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा.
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