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कंधमाल जिले के सर्वाधिक 465 गांव होंगे लाभान्वित
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परियोजना की कुल लागत 26,316 करोड़ रुपये
भुवनेश्वर. केंद्र सरकार की ‘अंत्योदय’ विजन के तहत ओडिशा के 2,792 गांवों को 4-जी सेवा से जोड़ा जायेगा. कंधमाल जिले के सर्वाधिक 465 गांवों को 4-जी सेवा से जोड़ा जायेगा. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देशभर के ऐसे गांवों में 4-जी मोबाइल सेवाओं को पहुंचाने की परियोजना को मंजूरी दे दी है. ‘अंत्योदय’ विजन के तहत यह परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी प्रदान करने के सरकार के दृष्टिकोण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह परियोजना मोबाइल ब्रॉडबैंड के माध्यम से विभिन्न ई-गवर्नेंस सेवाओं, बैंकिंग सेवाओं, टेली-मेडिसिन, टेली-एजुकेशन आदि के वितरण को बढ़ावा देगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पैदा करेगी.
जानकारी के अनुसार, जिन गांवों में 4-जी इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध होगी, उसमें अनुगूल जिले के 57 गांव, बलांगीर के 07, बालेश्वर के 11, बरगड़ के 12, बौध के 118, भद्रक के 16, कटक के 37, देवगढ़ के 83, ढेंकानाल के 10, गजपति के 238, गंजाम के 194, जगतसिंहपुर के 02, जाजपुर के 41, झारसुगुड़ा के 03, कलाहांडी के 203, कंधमाल के 465, केंद्रापड़ा के 07, केंदुझर के 80, खुर्दा के 09, कोरापुट के 270, मालकानगिरि के 102, मयूरभंज के 165, नवरंगपुर के 15, नयागढ़ के 130, नुआपड़ा के 28, पुरी के 04, रायगड़ा के 203, संबलपुर के 81, सोनपुर के 05 और सुंदरगढ़ 196 गांव शामिल होंगे.
बताया गया है कि इस परियोजना की कुल लागत 26,316 करोड़ रुपये आयेगी. परियोजना में पुनर्वास, नई बस्तियों, मौजूदा ऑपरेटरों द्वारा सेवाओं की वापसी आदि के कारण 20% अतिरिक्त गांवों को शामिल करने का प्रावधान है. इसके अलावा, केवल 2जी/3जी कनेक्टिविटी वाले 6,279 गांवों को 4-जी में अपग्रेड किया जायेगा. पिछले साल सरकार ने 5 राज्यों के 44 आकांक्षी जिलों के 7,287 गांवों में 4-जी मोबाइल सेवाएं प्रदान करने के लिए एक परियोजना को मंजूरी दी थी.
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