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अंतर्जातीय विवाह के बाद अपनों ने युवक को दिया था त्याग
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पुलिसकर्मियों ने करीब तीन किलोमीटर तक शव को पहाड़ी से नीचे उतारा
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पोस्टमार्टम के बाद किया अंतिम संस्कार
सुंदरगढ़. ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले की एक घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. अंतर्जातीय विवाद से नाराज परिवार की रुसवाइयां शव पर भी कायम रहीं और उन्होंने अपने बेटे की अर्थी को कंधा तक नहीं दिया. पुलिसकर्मियों ने शव का पोस्टमार्टम कराने का बाद युवक का अंतिम संस्कार किया. बताया जाता है कि एक युवक को अंतर्जातीय विवाह करने पर परिवार और रिश्तेदारों ने उसे त्याग दिया था. पूरा का पूरा संबंध तोड़ लिया गया था. घटना सुंदरगढ़ जिले के कुलीपोश रेंज के फूलझार के पास जिनिया जंगल में हुई है. मृतक की पहचान अपर गिनिया गांव के हेमंत मुंडारी (30) के रूप में बतायी गयी है. उसके परिवार ने दूसरी जाति की लड़की से शादी करने पर उसका बहिष्कृत कर दिया था.
हाथी के हमले में हुई मौत
जानकारी के अनुसार, हेमंत कल हाथी के हमले की चपेट में आया गया था और उसकी मौत हो गयी. इस घटना की जानकारी उसके परिवार को भी मिली, लेकिन कहा जा रहा है कि कोई सदस्य या रिश्तेदार अंतिम संस्कार के लिए सामने नहीं आया. घटना की जानकारी पाने पर मौके पर पहुंची पुलिस की टीम शव पहाड़ी से करीब तीन किलोमीटर नीचे ले गई और पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार किया.
महुलपड़ा थाने की टीम ने निभाई अपनों की भूमिका
बताया जाता है कि वन विभाग से जानकारी मिलने के बाद महुलपड़ा थाने के आईआईसी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने हेमंत के परिवार के सदस्यों से उनके शरीर को कंधा देने के लिए आग्रह किया, लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया. परिवार के सदस्यों या किसी रिश्तेदार के सामने नहीं आने पर अंत में आईआईसी और अन्य कर्मचारी परिवार की भूमिमा आये और करीब तीन किलोमीटर तक शव को कंधा देकर पहाड़ी से नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. बाद में उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया.
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