भुवनेश्वर. राज्य में खेती का काम जहां जोर-शोर से चल रहा है. वहीं किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक नहीं मिल पा रहा है. कुछ स्थानों पर उर्वरक के कालाबाजारी का मामला सामने आया है. कीमत से अधिक मूल्य देकर किसानों को उर्रवक खरीदना पड़ रहा है. किसानों को उर्वरक दिये जाने संबंधी एक प्रश्न के उत्तर देते समय सत्ता पक्ष व विपक्ष के विधायकों ने ये बातें कहीं. उधर, राज्य के कृषि मंत्री रणेन्द्र प्रताप स्वाईं ने कहा कि उर्वरक प्रदान करने का काम केन्द्र सरकार का है. गत पांच वर्षों से राज्य को जितनी मात्रा में उर्वरक प्रदान करने की बात केन्द्र सरकार कर रही है, उतना उर्वरक राज्य को नहीं दे रही है. इस कारण किसानों को उर्वरक देने में दिक्कतें आ रही हैं. पूरे विश्व में सप्लाय चेन बाधित होने के कारण इस तरह की समस्या आ रही है. उन्होंने कहा कि कालाबाजारी व निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक बेचने वालों के बारे में यदि विधायक निश्चित जानकारी देंगे तो कृषि विभाग ऐसे डिलरों पर कार्रवाई करेगा.
उन्होंने कहा कि कुछ विधायकों ने कहा है कि उर्वरक पड़ोसी राज्य झारखंड व छत्तीसगढ़ ले जाकर बेची जा रही है. इस पर भी विभाग ध्यान देगा.
संतोष सिंह सालुजा द्वारा पूछे गये मूल प्रश्न के साथ-साथ विधायक सुरेश राउतराय, भास्कर मढेई, प्रदीप दिसारी, अधिरंजन पाणिग्राही, नव माझी व अन्य विधायकों ने पूरक प्रश्न कर अपने-अपने इलाकों में आ रही दिक्कतों के बारे में ध्यान आकर्षित किया था.
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