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झारपड़ा की विशेष जेल में था बंद
भुवनेश्वर. ग्रीन रे चिटफंड घोटाले के आरोपी तथा विचाराधीन कैदी मीर सैरुद्दीन की आज यहां राजधानी स्थित झारपड़ा की विशेष जेल में मौत हो गयी. बताया जाता है कि जेल में वह अचानक जमीन पर गिर पड़ा था. वह साल साल 2017 से झारपड़ा जेल में बंद था. जेल प्रशासन उसे कैपिटल अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. ग्रीन रे इंटरनेशनल लिमिटेड (जीआरआईएल) के प्रबंध निदेशक मीर सैरुद्दीन उर्फ गोरा को चिटफंड घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था. सीबीआई ने फरवरी 2017 में कोलकाता से नाइजीरिया भाग गये आरोपी को गिरफ्तार किया था. इस संदिग्ध चिटफंड फर्म पर ओडिशा और 13 अन्य राज्यों के निवेशकों को अच्छे रिटर्न का वादा करके 1000 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाने का आरोप है. राज्य अपराध शाखा पहले चिटफंड मामले की जांच कर रही थी. उसने विभिन्न बैंक शाखाओं में 46 खातों में 57 लाख रुपये की नकदी जमा करने के अलावा कंपनी की 20.68 एकड़ जमीन को जब्त कर लिया था. सीबीआई ने मई 2014 में जांच शुरू की थी. बताया गया है कि चिटफंड फर्म ग्रीन रे इंटरनेशनल लिमिटेड के पूर्व एमडी साहिरुद्दीन को दिल का दौरा पड़ा और उन्हें कैपिटल अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया. इस संबंध में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. साहिरुद्दीन को सीबीआई ने तीन साल तक फरार रहने के बाद फरवरी, 2017 में गिरफ्तार किया था. बालेश्वर जिले का रहने वाला सैरुद्दीन अपने परिवार के साथ नाइजीरिया में छिपा था.
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