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चूहों पर दवा के सफल परीक्षण के बाद मानव परीक्षण को मिली अनुमति
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स्टेज-3 कैंसर के मरीजों का भी इस दवा से होगा सफलतापूर्वक इलाज
भुवनेश्वर. स्तन कैंसर से पीड़ित मरीजों के लिए खुशी की खबर है. इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज (आईएलएस), भुवनेश्वर में कार्यरत वैज्ञानिक डॉ संदीप मिश्र ने स्तन कैंसर की दवा की खोज पूरा कर ली है. इस खोज के साथ ही मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी. इस बड़ी सफलता हासिल कर डा मिश्र ने राज्य का नाम रोशन किया है. बताया गया है कि स्टेज-3 में पहुंचे कैंसर के मरीजों का भी इस दवा से सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है. डॉ मिश्र के मुताबिक, ब्रेस्ट कैंसर में ट्यूमर सप्रेसर जीन की खोज की गई है. इससे ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों के इलाज में काफी फर्क पड़ेगा. उन्होंने बताया कि यह एक बड़ा शोध का परिणाम है, जो 20 वर्षों से हो रहा था. चूहों पर दवा के सफल परीक्षण के बाद केंद्र सरकार ने इसके मानव परीक्षण की अनुमति दे दी है. जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी), भारत सरकार द्वारा स्थापित जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी) अनुसंधान के लिए धन मुहैया करा रही है. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो यह दवा अगले दो से तीन साल में बाजार में उपलब्ध हो जायेगी. सबसे राहत देने वाला पहलू यह है कि दवा सस्ती सीमा के भीतर होगी. डॉ मिश्र की खोज कई प्रसिद्ध विज्ञान के साथ-साथ नेचर ग्रुप ऑफ जर्नल्स में प्रकाशित हुई है. डॉ मिश्र सिंगापुर एकेडमिक ऑफ साइंसेज के आजीवन सलाहकार सदस्य और अमेरिकन एसोसिएशन फॉर कैंसर रिसर्च के सदस्य हैं.
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