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कहीं नहीं दिखा बड़ा समारोह का आयोजन
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शैक्षणिक संस्थानों में सामान्य तरीके से हुई मां सरस्वती की पूजा
भुवनेश्वर. ओडिशा सरकार द्वारा पहले से जारी कोविद दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की गयी. राजधानी भुवनेश्वर में कहीं भी सरस्वती पूजा को लेकर कोई बड़ा आयोजन नहीं देखने को मिला. शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों में सादगी पूर्वक मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की गयी. लगभग हर जगह आज बसंत पंचमी सादगी पूर्वक मनायी गयी. राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में सीमित संख्या में छात्रों की भागीदारी के साथ तथा सभी कोविद-19 प्रोटोकॉल के अनुपालन में मां सरस्वती की आराधना की गयी. राज्यभर के मंदिरों में भी राज्य सरकार ने सरस्वती पूजा के सामुदायिक समारोहों पर रोक लगा दी थी. राजधानी भुवनेश्वर में उत्कल विश्वविद्यालय के कई विभागों के कुछ छात्रों ने एकत्र होकर विश्वविद्यालय के सामने स्थापित देवी सरस्वती की प्रतिमा की पूजा की. उल्लेखनीय है कि कॉलेज, विश्वविद्यालय, तकनीकी और व्यावसायिक संस्थानों सहित सभी उच्च शिक्षण संस्थान 7 फरवरी से फिर से खुलेंगे.
बसंत पंचमी के मौके पर विश्व विख्यात मूर्तिकार सुदर्शन पटनायक ने पुरी समुद्र तट पर मां सरस्वती की आराधना करते हुए एक बालुका बनायी है. पटनायक ने ट्वीट किया है कि सरस्वती पूजा के शुभ अवसर पर बधाई. मां सरस्वती का आशीर्वाद सभी के लिए ज्ञान और ज्ञान का प्रकाश लाए और एक स्वस्थ, समृद्ध समाज का निर्माण करे.
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