भुवनेश्वर. ओडिशा के स्वास्थ्य सेवा निदेशक विजय महापात्र ने शनिवार को कहा कि वुहान में वैज्ञानिकों की एक टीम ने ‘नियोकोव’ नामक घातक संस्करण की चेतावनी दी है, लेकिन मनुष्यों में इसके संचरण का कोई डेटा नहीं है. उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, मनुष्यों में नियोकोव के प्रसार के संबंध में कोई निष्कर्ष नहीं निकला है. इसलिए लोगों को किसी भी अंतर्राष्ट्रीय निष्कर्ष आने तक चिंतित नहीं होना चाहिए. उल्लेखनीय है कि नियोकोव को दक्षिण अफ्रीका में चमगादड़ों के बीच पाया गया है और आज तक केवल इन जानवरों के बीच फैलने के लिए जाना जाता है.
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