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मुनिश्री जिनेश कुमार जी ठाणा-3 का भुवनेश्वर विहार आठ जनवरी से
भुवनेश्वर. आज त्याग, तपस्या के साथ प्रभु पार्श्वनाथ की जयंती मनायी गयी. इधर, तेरापंथ जैन के महातपस्वी परम पावन आचार्य श्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनिश्री जिनेश कुमार जी, मुनि परमानंदजी तथा मुनि कुनाल कुमार जी ठाणा-3 की केसिंगा चातुर्मास काल की सम्पन्नता के बाद आचार्यश्री के आज्ञानुसार भुवनेश्वर, कटक की तरफ पाद विहार कर रहे हैं. रास्ते में स्थानीय लोगों को धर्मोपदेश देते हुए सत पथ पर चलने की प्रेरणा दे रहे हैं. जैन मुनियों की बहुत कठिन दिनचर्या होती है. आत्म कल्याण के साथ जनसाधारण को कैसे दोष रहित सात्विक जीवन जी सके, उस मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं. केसिंगा से नयागढ़, पुरी कोणार्क होते हुए मुनिश्री-2022 जनवरी 8 से 10 के बीच पाद विहार करते हुए भुवनेश्वर पधारने की सम्भावना है.
भुवनेश्वर जैन तेरापंथ समाज मुनिश्री की रास्ते की सेवा में निरन्तर अपने आपको नियोजित कर रहा है. श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा भुवनेश्वर के निर्देशानुसार स्थानीय तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ युवक परिषद, कन्या मंडल, किशोर मंडल तथा तेरापंथ भवन समिति सम्पूर्ण रुप से समर्पित भाव से सेवा में लगे हुए हैं. 28 दिसंबर को मुनिश्री पुरी पधारे और 29 को प्रभु पार्श्वनाथ की जयंती सरकारी नियमों का पालन करते हुए पुरी में कटक, भुवनेश्वर तथा स्थानीय जनता के बीच त्याग, तपस्या के साथ मनायी गयी है. मुनिश्री ने प्रभु जगन्नाथ मंदिर में प्रवेश करके मंगल पाठ सुनाया तथा समुद्र भ्रमण के दौरान प्रवचन किया. पुरी की सारी व्यवस्था भवन समिति के अध्यक्ष सुभाष भुरा तथा पुरी के कैलाश रांका ने बखुबी निभायी.
भुवनेश्वर सभा अध्यक्ष बच्छराज बेताला, महिला मंडल अध्यक्ष मधु गिड़िया, तेरापंथ युवक परिषद भुवनेश्वर के अध्यक्ष विवेक बेताला, सभी संस्थाओं के पदाधिकारी तथा सम्पूर्ण तेरापंथ समाज भुवनेश्वर अपने दायित्व का निर्वहन कर रहा है.
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