कटक. अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में काठगड़ा साही स्थित तेरापंथ भवन में कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ मण्डल की बहिनों ने अपनी सुमधुर आवाज में श्रद्धासिक्त भावना से मंगलाचरण से किया. मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती हीरा बैद ने सभी का स्वागत करते हुए आज की कार्यशाला के विषय पर प्रकाश डाला. राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य श्रीमती इंदिरा लुणीया ने आज के दोनों कायक्रमों के लिए शुभकामना दी. उपासिका श्रीमती समता सेठिया, श्रीमती वर्षा मरोठी, श्रीमती सुनीता दूगड़, श्रीमती ऊषा चौरडिय़ा ने अपने विचारों की सुंदर अभिव्यक्ति दी एवं कषाय के चार प्रकार – क्रोध, मान,माया,लोभ के बारे में बताते हुए कहा कि इनको दबाने से नहीं बल्कि समझ से, ज्ञान से, अनेकान्त वाद दृष्टिकोण से ही कम किया जा सकता है. इनको अभ्यास से कम करके हम जीवन मे सुखानुभूति का अनुभव कर सकते हैं एवं कर्मों के बंधन से भी मुक्त हो सकते हैं.
कार्यक्रम का दूसरा चरण कन्यामण्डल द्वारा आयोजित था, जिसमें दादी पोती की जोड़ी श्रीमती शांति – सिमरन बरड़िया एवं श्रीमती सायर – प्रियंका सिंघी ने भाग लिया, जिसमें दो पीढ़ियों के अंतर को दिखाया गया एवं बताया कि अगर दोनों पीढ़ी एक-दूसरे को समय दे, आपसी सामंजस्य बैठाये तो हमारे भारतीय संस्कारों का वपन नहीं होगा. हम अपनी संस्कृति को, अपनी धरोहर को सुरक्षित रख पाएंगे.
कन्यामण्डल संयोजिका सुश्री राजेश्वरी बोथरा ने कन्यामण्डल के कार्यक्रमों की जानकारी दी.
आभार ज्ञापन पूर्व अध्यक्ष श्रीमती नूतन विनायकिया ने किया एवं कार्यक्रम का सफल संचालन मण्डल की कन्या मण्डल प्रभारी श्रीमती कनक सिंघी ने किया. आज के कार्यक्रम में महिला मंडल के साथ कन्यामण्डल कि उपस्थिति भी सराहनीय रही.
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