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भाजपा और कांग्रेस ने नियुक्त को राजनीति से प्रेरित बताया
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कहा-आगामी पंचायत चुनाव में लाभ उठाने के लिए की गईं नियुक्तियां
भुवनेश्वर. राज्य में संविदा शिक्षिकों की नियुक्ति को लेकर राजनीति गरमा गयी है. कांग्रेस और मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 6000 से अधिक संविदा शिक्षकों की नियुक्ति को राजनीति से प्रेरित बताते हुए ओडिशा सरकार की जमकर खिंचाई की है. उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों संविदा शिक्षक भुवनेश्वर में विरोध प्रदर्शन कर अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं. उस समय सरकार ने कुछ नहीं किया. अब ओडिशा सरकार द्वारा राज्य में अगले साल की शुरुआत में होने वाले पंचायत चुनावों में अनुचित लाभ उठाने के लिए नई नियुक्तियां की जाती हैं.
इसे मामले को लेकर भाजपा विधायक सनातन बिजुली ने राज्य सरकार की जमकर खिंचाई की है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को शिक्षकों के लिए कोई सहानुभूति नहीं है. नई नियुक्तियां पंचायत चुनाव को देखते हुए ही की जाती हैं.
इसी तरह से राज्य कांग्रेस के उपाध्यक्ष देवाशीष पटनायक ने भी सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले भी इन शिक्षिकों की नियुक्तियां कर सकती थी. नियुक्ति का समय साबित करता है कि सत्तारूढ़ बीजद संविदा नियुक्तियों में ढील देकर शिक्षकों को लुभाना चाहती है.
हालांकि बीजद ने इन आरोपों को खारिज किया है. मंत्री अशोक चंद्र पंडा ने कहा कि 5-टी पहल के तहत स्कूलों में स्मार्ट क्लास, ई-लाइब्रेरी और ई-प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं. शिक्षकों की नियुक्ति एक नियमित प्रक्रिया है. इसमें राजनीतिक कुछ भी नहीं है. हालांकि इस राजनीतिक विवाद के बीच नवनियुक्त शिक्षकों ने खुशी जतायी है और मीडिया से बात करते हुए एक नए शिक्षक दीपक नायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हमें शिक्षण तकनीकों में नवाचार लाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के सुझाव दिए हैं. मैं नियुक्ति पाकर काफी खुश हूं.
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 16 दिसंबर को भुवनेश्वर के कलिंग स्टेडियम में आयोजित एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम में 6131 नवनियुक्त शिक्षकों को संविदा नियुक्ति पत्र वितरित किया था.
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