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सांसद अच्युत सामंत के सवाल के जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया सूचित
भुवनेश्वर. वर्तमान में रेल मंत्रालय के पास ओडिशा के गंजाम जिले के शीतलपल्ली में वैगन फैक्ट्री स्थापित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. यह जानकारी कल केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी.
लोकसभा में कल कंधमाल से बीजद सांसद डा अच्युत सामंत के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वैष्णव ने कहा कि रेलवे की वैगनों की समग्र आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वैगन कारखाने स्थापित किए जाते हैं. उन्होंने कहा कि देश में मौजूदा वैगन निर्माण क्षमता पर्याप्त है.
इसके बाद सामंत द्वारा पूछे गये एक पूरक सवाल कि क्या सरकार देश में कोचों की मांग को देखते हुए एक विकल्प के रूप में ओडिशा में एक कोच निर्माण कारखाना खोलने पर विचार करेगी, के जवाब में वैष्णव ने कहा कि नहीं.
उन्होंने कहा कि उपलब्ध निर्माण क्षमता की तुलना में कोचों की आवश्यकता की हाल ही में समीक्षा की गई है और निकट भविष्य में मेनलाइन कोचों की आवश्यकता को देखने के बाद भी लगता है कि नए कोच कारखाने के निर्माण को तुरंत शुरू करने का कोई औचित्य है.
उल्लेखनीय है कि 2011-12 में तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री ममता बनर्जी द्वारा घोषित परियोजना को सार्वजनिक-निजी-साझेदारी (पीपीपी) मोड में लागू किया जाना था. इसे 2013 में मंजूरी दी गई थी.
2016 तक रेल बजट में 1000 रुपये के टोकन मनी को मंजूरी देने के बाद 2018 में लगभग तीन वर्षों के बाद परियोजना के लिए आशाओं को फिर से जगाया गया था.
इसके बाद रेल मंत्रालय ने इस साल सितंबर में राज्य सरकार को सूचित किया कि यह परियोजना वापस लेने के लिए विचाराधीन है.
ईस्ट कोस्ट रेलवे (इकोर) ने पहले भूमि आवंटन रद्द करने की मांग की थी. इसने राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग से आवंटित भूमि को सौंपने का आग्रह किया था.
इसके बाद इकोर ने 101.6 एकड़ भूमि का आवंटन रद्द करने के लिए राजस्व विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखा था. इसने परियोजना को वापस लेने का हवाला दिया है.
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