नई दिल्ली, संसद के शीतकालीन सत्र से एक दिन पहले रविवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने महंगाई, किसान और कोरोना सहित कई विषयों पर सरकार के साथ बातचीत की। विपक्ष की मांग रही की सरकार कोविड-19 के शिकार और कृषि कानूनों से जुड़े आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को उचित मुआवजा दे।
संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने बैठक को आयोजित किया था। इस तरह की बैठक सरकार और विपक्ष के बीच संसद सत्र के दौरान तालमेल बनाने के लिए आयोजित की जाती हैं। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी सहित कई पार्टियों के शीर्ष नेता मौजूद रहे।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक के बाद कहा कि सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने महंगाई, बढ़ती तेल कीमतों, किसानों से जुड़े मसलों और कोविड से मरने वालों के परिजनों के लिए मुआवजे जैसे मुद्दे उठाए। सभी विपक्षी पार्टियों ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने के कानून को लाने की मांग की।
खड़गे ने कहा कि हमने सरकार से मांग की है कि कोविड-19 से मारे गए लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। साथ ही कृषि कानूनों के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को भी मुआवजा दिया जाना चाहिए।
बैठक में प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कृषि कानूनों को वापस लेते समय कहा कि वह किसानों को कृषि कानूनों के बारे में नहीं समझा पाये। इसका मतलब है कि इस तरह के कानून या अन्य कानून भविष्य में दोबारा लाए जा सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार संसद में पहले दिन कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए कानून लाएगी। हालांकि किसान अब कृषि कानून रद्द होने के बाद गारंटी न्यूनतम समर्थन मूल्य देने के लिए कानून लाए जाने की मांग कर रहे हैं।
साभार-हिस
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