पुरी
देवोत्तर विभाग जब से मठों के विकास के लिए कार्य शुरू किया है आज तक कोई भी मठ पूजा विधि और विकास का कार्य सही ढंग से नहीं हुआ है, यह कहना है श्री जगन्नाथ मठ मंदिर संस्कृति सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष बद्री मिश्रा का। उन्होंने कहा है कि जब से देवोत्तर विभाग ने मठों की सुरक्षा तथा सेवा पूजा का दायित्व संभाला है तब से मठों का विकास नहीं हुआ है। विशेष रुप से मठों में विराजित भगवान की सेवा पूजा नीति भी ठीक से नहीं हो रही है। उन्होंने कहा है कि भगवान जगन्नाथ मंदिर से जुड़ा श्रीजगन्नाथ बल्लभ मठ के ट्रस्ट बोर्ड होने के बावजूद मठ में विराजित भगवान को अत्यंत निम्न प्रकार का चावल दाल के जरिए भोग प्रस्तुति होने की सूचना है। मठ की पर्याप्त संपदा होने के बावजूद भगवान को आवश्यक भोग नहीं दिया जा रहा है। मठ के कई दुकान है जिनमें से लाखों रुपया का किराया मिलता है मगर उसका सही इस्तेमाल किया नहीं जाता है।जिला प्रशासन कई साल पहले मठ के परिसर में एक बड़ा पार्किंग व्यवस्था किया गया था मगर इन दिनों वहां मनमानी के कारण डुप्लीकेट रसीद बनाकर पार्किंग एरिया का पैसा हड़प हो रहा है। वहां से हर रोज हजार हजार रुपया बसूला जाता है। मठ के परिसर में भगवान का तुलसी का बगीचा था उसे तुरंत सब ठीक करने के लिए उन्होंने मां किया है। इसके अलावा श्री जगन्नाथ बल्लभ सबसे प्राचीन मठ है जो भगवान जगन्नाथ जी के हर रोज की नीति से जुड़ा है उसको बचा के रखने के लिए सरकार को हर संभव कोशिश करनी चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो फिर श्री जगन्नाथ महाप्रभु की संस्कृति एवं परंपरा धीरे धीरे विलुप्त हो जाएगी। इसलिए यह मेरा अनुरोध है सरकार तत्काल इस बारे में ध्यान दें।
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