भुवनेश्वर.
राजधानी भुवनेश्वर के साथ पूरे प्रदेश में बड़े ही धूमधाम के साथ कोविड गाइड लाइन का अनुपालन करते हुए महाष्टमी पूजा की गई। कोविड प्रतिबंध के कारण विभिन्न पूजा पंडालों में भक्तों के प्रवेश वर्जित होने से विधि का पालन करते हुए पूजा अर्चना की गई। पर्दे के अंदर ही मां की तमाम रीति नीति सम्पन्न की जा रही है। महाष्टमी के मौके पर चंडीपाठ से पूरा वातावरण गुंजयमान हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह से ही जगत जननी मां की महाष्टमी पूजा शुरू हो गई थी। हालांकि प्रतिबंध के कारण भक्त मां के दर्शन नहीं कर पाए हैं। मंडप में भक्तों के दर्शन पर रोक होने से कुछ पूजा पंडालों की तरफ से इस बार फेसबुक, यू ट्यूब के जरिए लाइव प्रसारण किया गया, जिससे घर बैठे ही भक्तों को मां का दर्शन मिल गया।
वहीं दुसरी तरफ देवी पीठों में आज मां की नवमी पूजा हुई है। कटक जिले के जगतसिंहपुर स्थित मां सारला पीठ में धारा 144 लागू की गई है एक दिन पहले से ही यहां पर धारा 144 लगा दी गई है जो कि 14 अक्टूबर तक जारी रहेगी। मंदिर के चारों तरफ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कोविड संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन की तरफ से यह कदम उठाया गया है। प्रशासन की तरफ से जारी प्रतिबंध के कारण दशहरा पर्व इस साल भी पूरी तरह से फीका हो गया है। क्योंकि अष्टमी के दिन से ही भक्त मां का दर्शन करने के लिए पंडालों में जाते थे और पूजा बाजार का आनंद लेते थे। मगर इस साल ना ही कहीं पर मेला लगा और नहीं भक्तों को मां के दर्शन करने की अनुमति दी गई है। खासकर राजधानी भुवनेश्वर एवं कटक मे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। रात 8 बजे से दोनों ही शहर में कर्फ्यू लगा दिया जा रहा है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
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