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विभिन्न मुद्दों को उठाने के लिए कांग्रेस-भाजपा ने कसी कमर
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बीजद ने राज्य के विकास और कल्याण के लिए बेहतर रणनीति बनाने में सहयोग का किया आह्वान
भुवनेश्वर. ओडिशा विधानसभा का मानसून सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं. इस सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों को उठाने के लिए कांग्रेस-भाजपा ने कमर कस ली है,, जबकि सत्तारुढ़ बीजद ने राज्य के विकास और कल्याण के लिए बेहतर रणनीति बनाने में सहयोग का किया आह्वान है.
ओडिशा विधानसभा का मानसून सत्र एक सितंबर से शुरू हो रहा है तथा नौ सितंबर तक चलेगा. इस दौरान विपक्षी राजनीतिक संगठनों और राज्य में सत्ताधारी दल ने एक-दूसरे से मुकाबला करने के लिए अपनी रणनीतियों के साथ कमर कस ली है.
हालांकि इस सत्र के समय को नियंत्रित कर दिया गया है, जिससे समय का आभाव रहेगा. बावजूद इसके विपक्षी दलों ने सूखे की स्थिति, कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) भर्ती घोटाला, ग्रामीण आवास घोटाला, कोविद प्रबंधन में तथाकथित अनियमितताओं जैसे विभिन्न विवादास्पद मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए तैयारी कर ली है.
इसके अलावा, महंगा दोहरे हत्याकांड मामले में मंत्री प्रताप जेना का नाम जुड़ने, धान खरीद में अनियमितता और कुप्रबंधन, राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था और जाति कार्ड की राजनीति जैसे विषय भी सत्र के लिए मानसून सत्र में उठने की संभावना है.
इधर, कांग्रेस ने कहा है कि वह सूखे की स्थिति, कई घोटालों, कीमतों में उछाल, महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा, किसान संकट और शिक्षण संकायों की भारी कमी के विषयों को उठाकर सरकार को निशाना बनाएगी.
दूसरी ओर, बीजू जनता दल (बीजद) ने विश्वास जताया है कि वह अपनी रणनीति से सभी बहसों और चर्चाओं का सामना करने के लिए तैयार है. सत्तारूढ़ दल ने कहा है कि वह जाति जनगणना, 50% आरक्षण कोटा बढ़ाने और फसल बीमा योजनाओं से पीड़ित किसानों के मुद्दों के साथ विपक्ष का मुकाबला करेगा.
भाजपा के ललातेंदु विद्याधर महापात्र ने कहा कि महंगा दोहरे हत्याकांड में कानून मंत्री प्रताप जेना की कथित संलिप्तता का मुद्दा निश्चित रूप से विधानसभा में एक बड़ा मुद्दा होगा. भाजपा राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर सत्तारूढ़ सरकार से भी सवाल करेगी.
दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक संतोष सिंह सलूजा ने कहा कि सूखे से लेकर बिगड़ती कानून व्यवस्था और सरकार के कई घोटालों से लेकर महंगा मामले तक हम सत्र में सब कुछ उठाएंगे.
हालांकि बीजद विधायक अमर प्रसाद सतपथी ने कहा कि हमारे पिछले अनुभव को देखते हुए ऐसा लगता है कि विपक्षी दल विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही को रोकने की कोशिश जरूर करेंगे. उन्होंने कहा हम उनसे आग्रह करते हैं कि वे मंच पर हंगामा करने पर ध्यान न दें, बल्कि राज्य के विकास और कल्याण के लिए बेहतर रणनीति बनाने के लिए सरकार से चर्चा करें
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