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95 फीसदी जलने से हुई एसीएफ सौम्य रंजन की मौत

  • पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट से हुआ खुलासा

  • पोस्टमार्टम के दौरान शरीर और सिर के बालों से आ रही थी मिट्टी के तेल की गंध

सुधाकर कुमार शाही, कटक

मृतक परालाखेमुंडी सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) सौम्य रंजन महापात्र की मौत 95 फीसदी जलने के कारण हुई. इस बात उल्लेख उनकी ऑटोप्सी रिपोर्ट में किया गया है.

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि मौत जलने की चोटों के कारण होती है, जिसमें शरीर की सतह का लगभग 95% हिस्सा शामिल होता है.

फोरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी विभाग (एफएम एंड टी), एससीबी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, कटक ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा है कि पूर्व पोस्टमार्टम में शरीर पर जलने की चोटें प्रकृति में हैं और आग तथा लौ के रूप में सूखी गर्मी इसके कारण हो सकते हैं.

इसमें आगे कहा गया है कि कार्बन के कण स्वरयंत्र, श्वासनली, ब्रोन्कस और ब्रोकियोल्स के म्यूकोसा से चिपके हुए पाए गए हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है पेट में किसी प्रकार का संदिग्ध गंध नहीं था. पेट खाली था. शरीर की अन्य सभी गुहाओं में भी किसी प्रकार के संदिग्ध गंध नहीं थे. अन्य सभी अंग बरकरार थे. गैस्ट्रिक म्यूकोसा भी स्वस्थ लग रहा था. एसीएफ की मौत के छह घंटे के भीतर पोस्टमार्टम किया गया. रिपोर्ट में कहा गया है कि पोस्टमार्टम के दौरान शरीर और सिर के बालों से मिट्टी के तेल की गंध आ रही थी. यहां मरकत नगर थाने में पोस्टमार्टम रिपोर्ट मृतक के पिता और भाई को सौंप दी गई. सौम्य रंजन को गंभीर रूप से झुलसने के कारण 12 जुलाई को पारलाखेमुंडी में उनके सरकारी आवास से बचाया गया था, लेकिन यहां एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 13 जुलाई को उसकी मौत हो गई.

हालांकि, उसके पिता और परिवार के अन्य सदस्यों ने मृतक की पत्नी विद्याभारती, गजपति डीएफओ संग्राम केशरी बेहरा और उसके रसोइए की संलिप्तता के साथ इसे हत्या का मामला बताया है.

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