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मुठभेड़ में पुलिस के निशाने पर उठाये सवाल
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कहा-मुठभेड़ के दौरान दिल और सिर को कभी भी निशाना नहीं बनाया जाता
गोविंद राठी, बालेश्वर
मुठभेड़ में गोली लगने से शेख हैदर की मौत के बाद गैंगस्टर की विधवा ने पुलिस पर उसके पति की हत्या का आरोप लगाया है. उसने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मेरे पति को जेल से बाहर निकाला और बीच रास्ते में ही यह कहकर मार डाला कि उसने भागने की कोशिश की थी. जेलर और अन्य हत्या में शामिल थे. उसने कहा कि पुलिस आमतौर पर जब कोई आरोपी उनकी हिरासत से भागने का प्रयास करता है, तो पैरों को निशाना बनाती है. पुलिस मुठभेड़ों के दौरान दिल और सिर कभी लक्ष्य नहीं रहाता है. उसने कहा कि उसका पति पिछले 16 साल से जेल में था और उसने कुछ महीने पहले एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से फरार होने पर जांच में पुलिस को पूरा सहयोग दिया. अचानक पुलिस ने हमारी जानकारी के बिना उसे जेल से बाहर निकाला और उसे मार डाला. हमें उनके निधन की खबर टीवी से मिली. उसने कहा कि मेरे पति की मौत के लिए सरकार जिम्मेदार है. मुझे न्याय चाहिए.
इधर, पुलिस ने कहा कि हैदर को पहले चौद्वार जेल से बारिपदा जेल स्थानांतरित किया जा रहा था. सिमुलिया के पास उसने पुलिस की बंदूकें छीनने और भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उस पर गोलियां चला दीं. गोली लगने से बाद में बालेश्वर के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई.
इधर, एडीएमओ, बालेश्वर, मृत्युंजय मिश्र ने कहा कि मरीज (हैदर) गंभीर और हांफने की स्थिति में अस्पताल के कैजुअल्टी विंग में पहुंचा था. उसके आगमन के चार से पांच मिनट के भीतर उनकी मृत्यु हो गई.
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