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ओडिशा में तीन दिन झमाझम बारिश के आसार

  •     3 से 5 जुलाई तक भारी वर्षा का अलर्ट

  •     बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दबाव क्षेत्र करेगा मानसून को सक्रिय

  •     जून की 47 प्रतिशत वर्षा कमी की होगी भरपाई

भुवनेश्वर। जून महीने में सामान्य से 47 प्रतिशत कम वर्षा के कारण चिंतित किसानों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने ओडिशा में 3 से 5 जुलाई तक व्यापक और भारी वर्षा की संभावना जताई है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से लेकर अत्यधिक भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है, जिससे मानसून गतिविधियां तेज होंगी और खरीफ फसलों, विशेषकर धान की खेती को बड़ा लाभ मिलेगा।

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से 3 जुलाई से 5 जुलाई तक तटीय और आंतरिक ओडिशा के अधिकांश जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है। उन्होंने बताया कि 30 जून से ही भुवनेश्वर और कटक सहित कई क्षेत्रों में वर्षा का सिलसिला जारी है।

मृत्युंजय महापात्र के अनुसार, ओडिशा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों और पूर्वी घाट पर्वतमाला में मानसूनी हवाओं के साथ इस मौसम प्रणाली की पारस्परिक क्रिया के कारण अधिक तीव्र वर्षा होने की संभावना है। हालांकि यह निम्न दबाव क्षेत्र चक्रवाती तूफान या अवदाब का रूप नहीं लेगा, लेकिन इसके धीरे-धीरे मजबूत होने से लगातार भारी वर्षा का दौर बना रहेगा।

उन्होंने कहा कि जुलाई के पहले दो सप्ताह धान की खेती के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। जून में वर्षा की कमी के कारण जिन किसानों की बुवाई और रोपाई प्रभावित हुई थी, उन्हें इस बारिश से काफी राहत मिलेगी और खेती के कार्यों में तेजी आएगी।

आईएमडी ने यह भी बताया कि वैश्विक मौसमीय परिस्थितियां भी मानसून के लिए अनुकूल संकेत दे रही हैं। अल नीनो की स्थिति फिलहाल कमजोर बनी हुई है और जुलाई-अगस्त के दौरान इसके प्रभाव में कुछ वृद्धि हो सकती है। वहीं हिंद महासागर द्विध्रुव (आईओडी) के सकारात्मक होने की संभावना है, जिससे अल नीनो के संभावित नकारात्मक प्रभाव की भरपाई हो सकती है। इसके चलते सितंबर और अक्टूबर में भी अच्छी वर्षा होने की उम्मीद जताई गई है।

मौसम विभाग ने लोगों, विशेषकर निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों और किसानों को मौसम संबंधी ताजा बुलेटिन पर नजर रखने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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