नई दिल्ली। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में इस हफ्ते होने वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती होने की संभावना है। चालू वित्त वर्ष 2024-25 में आरबीआई की तीन दिवसीय द्विमासिक एमपीसी बैठक 5 से 7 फरवरी तक चलेगी। गवर्नर संजय मल्होत्रा 7 फरवरी को बैठक के नतीजे का ऐलान करेंगे।
वित्त सचिव तुहिन कांता पांडे ने एक दिन पहले रविवार को जारी एक बयान में कहा कि यह समय ब्याज दरों में कटौती के लिए सही है। उन्होंने कहा कि सरकार राजकोषीय नीति के साथ ही विकास को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है, जबकि महंगाई में घरेलू और बाहरी स्तर पर गिरावट आई है।
क्या होता है रेपो रेट
रेपो रेट वह ब्याज दर है, जिस पर रिजर्व बैंक अन्य बैंको को कर्ज देता है। इस दर में कटौती होने से बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है, जिससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की दरें भी घटती हैं। रेपो रेट की दर फरवरी, 2023 से 6.50 फीसदी पर यथावत बनी हुई है। रिजर्व बैंक यदि इस बार 0.25 फीसदी की कटौती करता है, तो यह 6.25 फीसदी हो जाएगी।
साभार – हिस
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