विशेषज्ञों ने कहा कि महंगाई का दबाव बने रहने के बीच आरबीआई अपनी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में दर में कटौती से परहेज कर सकती है, क्योंकि भले ही ब्याज दर 6.5 प्रतिशत (रेपो दर) तक बढ़ा दी गई हो, आर्थिक वृद्धि अच्छी है।
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विशेषज्ञों ने कहा कि महंगाई का दबाव बने रहने के बीच आरबीआई अपनी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में दर में कटौती से परहेज कर सकती है, क्योंकि भले ही ब्याज दर 6.5 प्रतिशत (रेपो दर) तक बढ़ा दी गई हो, आर्थिक वृद्धि अच्छी है।
नई दिल्ली। आकलन वर्ष 2026-27 के लिए अब तक 1.7 करोड़ से ज्यादा करदाताओं ने …
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