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पुरी में 1,500 करोड़ से बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल

  •     समुद्री पर्यटन को मिलेगी नई पहचान

  •     2047 तक देश के माल परिवहन में जलमार्गों की हिस्सेदारी 6 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने का लक्ष्य

  •     केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने पुरी में की घोषणा

पुरी। ओडिशा के समुद्री पर्यटन और बंदरगाह आधारित विकास को नई गति देने के लिए पुरी में लगभग 1,500 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल विकसित किया जाएगा। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने पुरी में मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा की। इसका निर्माण पारादीप पोर्ट प्राधिकरण और ओडिशा सरकार के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा।

बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर और आठ सांसद भी उपस्थित थे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने भारत के समुद्री एवं अंतर्देशीय जल परिवहन क्षेत्र के विस्तार की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक देश के कुल माल परिवहन में तटीय और अंतर्देशीय जलमार्गों की हिस्सेदारी मौजूदा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।

क्रूज पर्यटन के अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित होगा पुरी

पुरी में अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल बनने से ओडिशा को वैश्विक समुद्री पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन को बढ़ावा मिलेगा और होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार तथा पर्यटन से जुड़े अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के समुद्री तटों और नदियों को आर्थिक विकास के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। तटीय माल परिवहन प्रोत्साहन योजना और क्रूज भारत मिशन के माध्यम से समुद्री परिवहन को बढ़ावा देने के साथ पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

2029 तक 10 लाख समुद्री क्रूज यात्रियों का लक्ष्य

केंद्र सरकार के क्रूज भारत मिशन के तहत मार्च 2029 तक समुद्री क्रूज यात्रियों की संख्या 10 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस क्षेत्र में लगभग चार लाख रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

इसके साथ ही तटीय माल परिवहन प्रोत्साहन योजना के माध्यम से माल मालिकों, जहाज संचालकों और बहु-माध्यम परिवहन कंपनियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इन पहलों से कुल 5.60 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं और कार्बन उत्सर्जन में लगभग 1.6 करोड़ टन की कमी लाई जा सकती है।

12 वर्षों में तटीय माल परिवहन में 140 प्रतिशत वृद्धि

भारत के समुद्री माल परिवहन क्षेत्र में पिछले वर्षों के दौरान उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। पिछले 12 वर्षों में देश के बंदरगाहों से तटीय माल परिवहन 74 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़कर 177 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। इसमें लगभग 140 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की 11 हजार किलोमीटर से अधिक लंबी समुद्री तटरेखा देश को किफायती और पर्यावरण के अनुकूल माल परिवहन विकसित करने का बड़ा अवसर प्रदान करती है। जलमार्गों के अधिक उपयोग से लंबी दूरी के माल परिवहन के लिए सड़क और रेल पर निर्भरता कम की जा सकेगी।

समुद्री क्रूज यात्रियों की संख्या में साढ़े पांच गुना वृद्धि

भारत में समुद्री क्रूज पर्यटन भी तेजी से विस्तार कर रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश में 212 क्रूज जहाजों के आगमन के माध्यम से 4,62,661 यात्रियों ने समुद्री यात्रा की। वर्ष 2013-14 की तुलना में यात्रियों की संख्या में लगभग साढ़े पांच गुना और जहाजों के आगमन में 2.1 गुना वृद्धि हुई है।

नदी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए देश के 16 राष्ट्रीय जलमार्गों पर 20 नदी क्रूज सर्किट संचालित हैं। इसके अतिरिक्त 51 नए सर्किट चरणबद्ध तरीके से विकसित किए जाने के लिए चिह्नित किए गए हैं। देशभर में 143 नदी क्रूज टर्मिनल और लैंडिंग स्थल भी सक्रिय हैं।

राष्ट्रीय जलमार्ग-5 से ओडिशा के औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

ओडिशा में राष्ट्रीय जलमार्ग-5 परियोजना को भी समुद्री परिवहन विस्तार की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना के माध्यम से तालचेर और कलिंगनगर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को पूर्वी तट के बंदरगाहों से जोड़ने की योजना है।

इससे खनिज, औद्योगिक उत्पादों और अन्य वस्तुओं के परिवहन के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। साथ ही माल ढुलाई की लागत कम करने और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने बैठक में शामिल सांसदों के सुझावों और सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप देश में आधुनिक, टिकाऊ और विश्वस्तरीय समुद्री परिवहन व्यवस्था तैयार करना है। पुरी का प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल इसी दिशा में ओडिशा के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना साबित हो सकता है।

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