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धान की तैयार फसल तत्काल काटने और सुरक्षित रखने की सलाह
भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में विकसित चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए ओडिशा सरकार ने दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है। किसानों और मछुआरों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। किसानों को तैयार धान की फसल जल्द काटने, कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने, खेतों से जल निकासी की व्यवस्था करने और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की सलाह दी गई है। वहीं, मछुआरों को मौसम सामान्य होने तक समुद्र में नहीं जाने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्रीय कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि राज्य प्रशासन संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। विशेष रूप से गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मालकानगिरि जिलों में मौसम की स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
27 से 29 अक्टूबर तक दक्षिण ओडिशा में बारिश का खतरा
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात का सीधा प्रभाव ओडिशा पर पड़ने की आशंका नहीं है, लेकिन इसके बाहरी प्रभाव से दक्षिणी जिलों में 27 से 29 अक्टूबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर 28 अक्टूबर को अत्यधिक भारी वर्षा की भी आशंका जताई गई है।
मालकानगिरि में 28 अक्टूबर को हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका है। कोरापुट, रायगड़ा और गजपति में भी 35 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
प्रशासन ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
चक्रवात का केंद्र ओडिशा में प्रवेश करने की संभावना नहीं
चक्रवात का केंद्र ओडिशा में प्रवेश करने की संभावना नहीं जताई गई है, लेकिन इसके बाहरी प्रभाव से राज्य के दक्षिणी हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का असर पड़ सकता है।
किसानों को फसल और पशुधन सुरक्षित रखने की सलाह
संभावित बारिश से कृषि क्षेत्र को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए किसानों को तैयार धान की फसल तत्काल काटने और कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। खेतों में पानी जमा होने से रोकने के लिए नालियों और जल निकासी मार्गों को साफ रखने तथा पशुओं को सुरक्षित आश्रय में पहुंचाने को कहा गया है।
प्रशासन ने किसानों से स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने और मौसम की स्थिति के अनुसार कृषि संबंधी गतिविधियों की योजना बनाने का आग्रह किया है।
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