-
हाईकोर्ट के निर्देशों के उल्लंघन का हवाला देकर कानूनी लड़ाई तेज करेगी माझी सरकार
-
कोटिया पहुंचेंगी उपजिलाधिकारी, ग्रामीणों से सीधे संवाद की तैयारी
भुवनेश्वर। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच लंबे समय से चले आ रहे कोटिया सीमा विवाद में कोटिया क्षेत्र पर अपने प्रशासनिक अधिकारों की रक्षा के लिए ओडिशा सरकार ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी की है। राज्य सरकार का कहना है कि इस विवाद से जुड़े हाईकोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन हुआ है, जिसके मद्देनजर कानूनी कार्रवाई आवश्यक हो गई है।
कोरापुट की उपजिलाधिकारी फाबी रशीद ने सरकार के इस कदम की जानकारी देते हुए बताया कि वह स्वयं कोटिया का दौरा कर रही हैं। इस दौरान वह स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनेंगी और क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगी। सरकार की कानूनी तैयारी और प्रशासनिक सक्रियता के बीच कोटिया विवाद एक बार फिर ओडिशा की क्षेत्रीय अस्मिता तथा दोनों पड़ोसी राज्यों के संबंधों का महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।
प्रशासनिक अधिकारों की रक्षा पर जोर
दोनों राज्यों के दावों और क्षेत्र में प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर समय-समय पर तनाव की स्थिति बनती रही है। अब ओडिशा सरकार ने इस मामले को फिर से सुप्रीम कोर्ट में ले जाने का निर्णय लिया है। सरकार की ओर से हाईकोर्ट के निर्देशों के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए कानूनी हस्तक्षेप की तैयारी की जा रही है। इस कदम को कोटिया में ओडिशा के प्रशासनिक अधिकारों की रक्षा के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
विवाद के बीच राज्य सरकार के सामने चुनौती यह सुनिश्चित करने की है कि क्षेत्र में प्रशासनिक व्यवस्था सुचारु रूप से चले और स्थानीय निवासियों के हित प्रभावित न हों। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित कार्रवाई के संबंध में याचिका और कानूनी आधार का विस्तृत विवरण सामने आने के बाद ही आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
