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अद्भुत पंडालों और बिजली सज्जा ने मोह रहा है मन
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महासप्तमी और महाष्टमी पर दुर्गा पूजा पंडालों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
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रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाई भुवनेश्वर की सड़कें और पूजा मंडप
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रातभर डांडिया की धूम, पारंपरिक वेशभूषा में थिरके लोग
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पंडालों से लेकर घरों तक कन्या पूजन और मां की आराधना में जुटे श्रद्धालु
भुवनेश्वर। शक्ति की आराधना, भक्ति का उल्लास और अद्भुत सजावट का संगम इन दिनों ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में देखने को मिल रहा है। मां दुर्गा की उपासना में पूरी राजधानी रमी हुई है। शहर के विभिन्न इलाकों में बने भव्य दुर्गा पूजा पंडाल, आकर्षक विद्युत सज्जा, रंग-बिरंगी रोशनी और कलात्मक सजावट श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। महासप्तमी और महाष्टमी के अवसर पर पूजा पंडालों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कहीं मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगीं, तो कहीं ढोल-नगाड़ों, भजन और आरती के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। शाम ढलते ही राजधानी के विभिन्न पूजा मंडप रोशनी से नहा उठे और देर रात तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
दुर्गा पूजा का उत्साह हर ओर
राजधानी में दुर्गा पूजा का उत्साह हर ओर दिखाई दे रहा है। राजधानी स्थित रसूलगढ़, बोमिखाल, झारपड़ा, लक्ष्मीसागर, ओल्ड स्टेशन बाजार, बरगड़, कैपिटल यूनिट-1, शहीदनगर, नयापल्ली, वीएस नगर और बरमुंडा सहित विभिन्न इलाकों में बनाए गए पूजा पंडाल लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। पंडालों की कलात्मक बनावट, आकर्षक प्रवेश द्वार, साज-सज्जा और रंगीन रोशनी ने दुर्गोत्सव की रौनक को और बढ़ा दिया है।
कई स्थानों पर विद्युत सज्जा के जरिए पूरे परिसर को विशेष रूप दिया गया है। जगमगाती रोशनी, सजे हुए मार्ग और भव्य पूजा मंडप श्रद्धालुओं को उत्सव के रंग में रंग रहे हैं। शाम होते ही इन इलाकों में उत्सवी माहौल और अधिक जीवंत हो उठता है। परिवार के साथ पंडाल घूमने निकले लोग मां दुर्गा के दर्शन करने के साथ सजावट का आनंद भी ले रहे हैं। राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में सजी पूजा समितियों की तैयारियां दुर्गोत्सव को सामूहिक उत्सव का रूप दे रही हैं।
महासप्तमी और महाष्टमी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
दुर्गोत्सव के प्रमुख अवसरों पर पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई। मां दुर्गा के दर्शन, पूजा-अर्चना और आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सुबह से ही पूजा मंडपों में धार्मिक गतिविधियां जारी रहीं, जबकि शाम के समय परिवारों और युवाओं की भीड़ से आसपास के इलाके गुलजार हो उठे।
मां दुर्गा के जयकारों और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। महिलाओं, बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में दुर्गोत्सव को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। आकर्षक प्रतिमाओं और सुसज्जित पंडालों के दर्शन के लिए लोग एक से दूसरे पूजा मंडप तक पहुंचते रहे। राजधानी में दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक मेल-मिलाप, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और सामूहिक उत्साह का भी महत्वपूर्ण अवसर बन गया है।
रातभर डांडिया की धूम, संगीत की धुन पर थिरके लोग
दुर्गा पूजा के उल्लास के बीच राजधानी में डांडिया और गरबा के आयोजन भी आकर्षण का बड़ा केंद्र बने हुए हैं। बरगड़, टंकपाणि रोड, यूनिट-3 और जनता मैदान सहित विभिन्न स्थानों पर डांडिया कार्यक्रमों में लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। होटलों और अन्य आयोजन स्थलों पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां संगीत और पारंपरिक नृत्य की धुन पर प्रतिभागी देर रात तक थिरकते रहे।
पारंपरिक परिधानों में सजे युवक-युवतियों और परिवारों ने डांडिया की रंगीन शामों को यादगार बनाया। कहीं तेज संगीत के बीच डांडिया की ताल गूंजती रही, तो कहीं गरबा के पारंपरिक अंदाज ने उत्सव में चार चांद लगा दिए। इन आयोजनों में युवाओं के साथ परिवारों की भागीदारी ने दुर्गोत्सव को धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक उल्लास का भी प्रतीक बना दिया।
पंडालों से घरों तक कन्या पूजन
दुर्गोत्सव के दौरान राजधानी में कन्या पूजन की परंपरा भी श्रद्धा के साथ निभाई गई। पूजा पंडालों के अलावा अनेक घरों में कन्याओं को आमंत्रित कर पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन किया और भोजन कराकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
नवरात्र के पावन अवसर पर कन्या पूजन ने घरों और पूजा मंडपों में धार्मिक वातावरण को और गहरा किया। मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना के साथ श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और समाज के कल्याण की कामना की। मंदिरों और पूजा स्थलों में मंत्रोच्चार, आरती और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बनी।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का उत्सव
भुवनेश्वर में दुर्गा पूजा का उत्साह राजधानी की सांस्कृतिक विविधता और सामूहिक भागीदारी को भी दर्शा रहा है। विभिन्न पूजा समितियों की तैयारियों, पंडालों की सजावट, विद्युत रोशनी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और डांडिया आयोजनों ने शहर के वातावरण को उत्सवमय बना दिया है। लोग अपने परिवार और मित्रों के साथ पूजा पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन कर रहे हैं तथा इस पर्व की खुशियां साझा कर रहे हैं।
भक्ति, परंपरा और आधुनिक सजावट का यह संगम राजधानी के दुर्गोत्सव को खास पहचान दे रहा है। मां दुर्गा की आराधना के साथ पंडालों की भव्यता और रातभर चलने वाले सांस्कृतिक आयोजनों ने भुवनेश्वर को उत्सव के रंग में रंग दिया है।
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