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राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
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28 जिलों में बारिश और बाढ़ से हुआ नुकसान
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राहत के लिए घोषित हुई थी 1,000 करोड़ रुपये की सहायता
भुवनेश्वर। ओडिशा में इस वर्ष बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने लंबित मुआवजा राशि का वितरण अगले 72 घंटे के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने राजीव भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान के अंतिम आकलन और राहत राशि के वितरण की समीक्षा की। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इससे पहले प्रभावित लोगों की सहायता के लिए 1,000 करोड़ रुपये के विशेष सहायता पैकेज की घोषणा की थी।
28 जिलों में था बारिश और बाढ़ का असर
समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि इस मौसम में राज्य में कम दबाव के 12 क्षेत्र बने, जिनमें से छह डिप्रेशन में तब्दील हो गए। इसके कारण राज्य के करीब 28 जिलों में भारी बारिश और बाढ़ से व्यापक नुकसान हुआ। बालेश्वर, भद्रक और जाजपुर जिले सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहे, जबकि लगभग सभी जिलों में अलग-अलग स्तर पर क्षति दर्ज की गई।
प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए कृषि भूमि, खड़ी फसलों, क्षतिग्रस्त मकानों, घरेलू बर्तनों, मछली पकड़ने वाली नौकाओं और जाल के नुकसान के बदले आर्थिक सहायता दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य प्रभावित परिवारों और किसानों को नुकसान से उबरने में मदद करना है।
अब तक 288.72 करोड़ रुपये वितरित
मंत्री ने बताया कि विशेष राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से राहत शिविरों के संचालन, मकानों की मरम्मत, कृषि निवेश अनुदान और अन्य तत्काल राहत जरूरतों के लिए अब तक 288.72 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
प्रारंभिक निर्देशों के अनुसार, मुआवजा वितरण की प्रक्रिया 10 अक्टूबर तक पूरी की जानी थी। मंत्री के मुताबिक, अधिकांश जिलों में सहायता राशि का वितरण पूरा हो चुका है। हालांकि, जहां भुगतान लंबित है, वहां के अधिकारियों को अगले 72 घंटे के भीतर सभी बकाया मामलों का निपटारा करने का सख्त निर्देश दिया गया है।
बुनियादी सुविधाओं की मरम्मत पर जोर
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत वितरण के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने के लिए विभिन्न विभागों को भी आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इनमें कृषि एवं किसान सशक्तीकरण, ऊर्जा, पंचायती राज एवं पेयजल, जल संसाधन, आवास एवं शहरी विकास तथा वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग शामिल हैं।
इन विभागों को प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की मरम्मत और आवश्यक सेवाओं की बहाली में तेजी लाने को कहा गया है।
शहरी जलभराव रोकने के लिए दीर्घकालिक योजना बनेगी
मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि भविष्य में लगातार बारिश के कारण होने वाले जलभराव और शहरी बाढ़ की समस्या को कम करने के लिए दीर्घकालिक उपाय किए जाएंगे। इसके तहत शहरी नियोजन और जल निकासी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा, ताकि भारी बारिश के दौरान लोगों को होने वाली परेशानियों को कम किया जा सके।
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ अरविंद कुमार पाढ़ी, विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल, पंचायती राज एवं पेयजल विभाग के सचिव गिरिश एसएन, नगर निगम निदेशक अरिंदम डाकुआ, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप राउत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी और जिला स्तरीय अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
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