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ओडिशा छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की ऐतिहासिक जीत

  • उत्कल विश्वविद्यालय में भी लहराया परचम

  • बीजेबी और राजधानी कॉलेज में अध्यक्ष पद पर कब्जा, संबलपुर के जीएम विश्वविद्यालय में सभी 13 पदों पर जीत

  • उत्कल विश्वविद्यालय में अभिराम मिश्रा छात्रसंघ अध्यक्ष निर्वाचित, महासचिव पद पर एबीवीपी की आयुष्री प्रधान को मिली सफलता

  • रावेंशा और रमा देवी महिला विश्वविद्यालय में बीसीजेडी ने दर्ज की जीत, कई संस्थानों में चुनाव रद्द होने से प्रभावित हुई प्रक्रिया

भुवनेश्वर। ओडिशा के छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। राजधानी भुवनेश्वर के बीजेबी स्वायत्त महाविद्यालय और राजधानी महाविद्यालय में अध्यक्ष पद पर जीत के साथ संबलपुर के गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय में सभी 13 पदों पर कब्जा जमाकर संगठन ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। वहीं, राज्य के प्रतिष्ठित उत्कल विश्वविद्यालय में भी एबीवीपी समर्थित अभिराम मिश्रा छात्रसंघ अध्यक्ष निर्वाचित हुए। विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में मिली इन सफलताओं ने छात्र राजनीति में एबीवीपी की मजबूत उपस्थिति को रेखांकित किया है। हालांकि, रावेंशा विश्वविद्यालय और रमा देवी महिला विश्वविद्यालय में बीजू छात्र जनता दल (बीसीजेडी) के उम्मीदवारों ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।

उत्कल विश्वविद्यालय में अभिराम मिश्रा बने अध्यक्ष

भुवनेश्वर स्थित उत्कल विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव के दौरान दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा। मतगणना में देरी और मतगणना केंद्र पर विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच विवाद के बावजूद अंततः एबीवीपी समर्थित अभिराम मिश्रा ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई समर्थित पप्पू राउत निर्वाचित हुए। एबीवीपी की आयुष्री प्रधान ने महासचिव पद पर जीत दर्ज की। बीसीजेडी की ज्योतिश्री साहू संयुक्त महासचिव चुनी गईं, जबकि उत्तम कुमार माझी सांस्कृतिक क्लब सचिव निर्वाचित हुए।

जीवनज्योति बिस्वाल ने बाणी विकास सचिव का पद हासिल किया। एबीवीपी के ज्ञानरंजन परिडा एथलेटिक क्लब सचिव और सुस्मिता साहू सहायक सचिव निर्वाचित हुईं। विश्वविद्यालय में गुरुवार सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ और दोपहर दो बजे तक चला। कुल 2,609 विद्यार्थियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान प्रतिशत 68.69 रहा।

मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को वाणिज्य विभाग में बनाए गए सुरक्षित कक्ष में रखा गया, लेकिन मतगणना शाम करीब 6.30 बजे शुरू हुई। देरी को लेकर प्रत्याशियों और मतगणना एजेंटों में नाराजगी देखी गई। मतगणना केंद्र पर तीखी बहस की भी खबरें सामने आईं। परिणाम घोषित होने में लगातार देरी से नाराज एनएसयूआई समर्थकों ने वाणी विहार के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। पुलिस आयुक्त और भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और स्थिति सामान्य कराने का प्रयास किया।

बीजेबी और राजधानी कॉलेज में एबीवीपी का परचम

भुवनेश्वर के बीजेबी स्वायत्त महाविद्यालय में एबीवीपी के आर्यन महापात्र छात्रसंघ अध्यक्ष निर्वाचित हुए, जबकि राजधानी महाविद्यालय में अभिनाश पाढ़ी ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। राजधानी के इन दोनों प्रमुख शिक्षण संस्थानों में सफलता को संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन परिणामों ने राजधानी के महाविद्यालयों में एबीवीपी की चुनावी स्थिति को मजबूती प्रदान की है।

जीएम विश्वविद्यालय में सभी 13 पदों पर कब्जा

संबलपुर स्थित गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय में एबीवीपी ने सभी 13 पदों पर जीत दर्ज कर चुनाव में एकतरफा प्रदर्शन किया। यहां स्वाधीन कुमार आचार्य छात्रसंघ अध्यक्ष और निखिल अग्रवाल सचिव निर्वाचित हुए। सभी पदों पर संगठन के उम्मीदवारों की जीत ने विश्वविद्यालय में एबीवीपी के प्रभाव को स्पष्ट किया।

इसके अतिरिक्त केंद्रापड़ा जिले के मार्शाघाई स्थित आंठई बीजू पटनायक महाविद्यालय, अनुगोल महिला महाविद्यालय, कटक महाविद्यालय, किशोरनगर डिग्री कॉलेज और धामनगर महाविद्यालय सहित अन्य शिक्षण संस्थानों में भी एबीवीपी उम्मीदवारों की जीत की खबरें सामने आईं।

रावेंशा और रमा देवी विश्वविद्यालय में बीसीजेडी की जीत

एबीवीपी के व्यापक प्रदर्शन के बीच बीसीजेडी ने भी कई महत्वपूर्ण संस्थानों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कटक स्थित रावेंशा विश्वविद्यालय में बीसीजेडी के विश्वजीत साहू छात्रसंघ अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उन्होंने एबीवीपी के उम्मीदवार को पराजित किया। वहीं, भुवनेश्वर स्थित रमा देवी महिला विश्वविद्यालय में बीसीजेडी की सोनाली बेहरा अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुईं।

नयागढ़ जिले के दशपल्ला स्थित वृंदावन सुबुद्धि डिग्री कॉलेज में बीसीजेडी उम्मीदवारों ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव पदों पर जीत हासिल की। झारसुगुड़ा के पीकेएसएस कॉलेज में संगठन के उम्मीदवार अध्यक्ष और महासचिव निर्वाचित हुए। कमला नेहरू महिला महाविद्यालय, बासुदेवपुर महाविद्यालय, जयपटना इंद्रावती महाविद्यालय और खड़ियाल मॉडल कॉलेज में भी बीसीजेडी उम्मीदवारों की सफलता की खबरें सामने आईं।

कई संस्थानों में चुनाव रद्द, परिसर की गतिविधियां प्रभावित

राज्य में छात्रसंघ चुनाव के दौरान कई महाविद्यालयों में चुनाव रद्द होने से पूरी प्रक्रिया प्रभावित हुई। गंजाम, केंद्रापड़ा, नवरंगपुर, जाजपुर, भद्रक और बालेश्वर सहित विभिन्न जिलों के शिक्षण संस्थानों में चुनाव रद्द किए जाने की खबरें सामने आईं। कटक जिले के बांकी स्वायत्त महाविद्यालय और नुआपड़ा जिले के खरियार स्वायत्त महाविद्यालय में चुनाव रद्द करने के साथ अनिश्चितकाल के लिए संस्थान बंद करने की घोषणा भी की गई।

इस बीच, उत्कल विश्वविद्यालय में चुनाव से एक दिन पहले प्रत्याशियों के परिचय कार्यक्रम ‘मुं काहिंकि प्रार्थी होइछि?’ के दौरान भी तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई थी। कार्यक्रम शुरू होने से पहले कथित तौर पर समर्थकों के बीच झड़प हुई, जिसमें कुछ लोगों के सिर में चोट लगने और कुर्सियां फेंके जाने की खबरें सामने आई थीं।

छात्र राजनीति में एबीवीपी की मजबूत उपस्थिति

ओडिशा के छात्रसंघ चुनाव के नतीजों में एबीवीपी ने बीजेबी और राजधानी कॉलेज से लेकर उत्कल विश्वविद्यालय तथा गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय तक महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। विशेष रूप से जीएम विश्वविद्यालय में सभी 13 पदों पर जीत और उत्कल विश्वविद्यालय में अध्यक्ष पद हासिल करना संगठन के लिए उल्लेखनीय उपलब्धियां हैं। दूसरी ओर, रावेंशा और रमा देवी महिला विश्वविद्यालय में बीसीजेडी की जीत यह दर्शाती है कि राज्य के छात्रसंघ चुनाव में विभिन्न संस्थानों के स्तर पर मुकाबला जारी है। कुल मिलाकर, प्रमुख शिक्षण संस्थानों में मिली सफलताओं ने एबीवीपी को इस चुनाव की सबसे चर्चित ताकतों में शामिल कर दिया है।

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