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आठ साल बाद हुए छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी ने लहराया परचम
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8 राज्य विश्वविद्यालयों में जीत
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उत्कल विश्वविद्यालय में पूरे पैनल पर कब्जा
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मुख्यमंत्री माझी ने दी बधाई
भुवनेश्वर। ओडिशा में आठ साल के लंबे अंतराल के बाद हुए छात्रसंघ चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य के 81 प्रतिशत से अधिक शैक्षणिक परिसरों में जीत का दावा किया है। संगठन ने इस जनादेश को राष्ट्रवादी विचारधारा की जीत बताते हुए कहा कि युवा मतदाताओं ने उसके नेतृत्व और विचारों पर भरोसा जताया है। वहीं, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एबीवीपी को जीत की बधाई देते हुए इसे युवाओं के विश्वास का प्रतीक बताया।
एबीवीपी की प्रदेश सचिव दीप्तिमयी प्रतिहारी ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में चुनाव परिणामों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित छात्रसंघ चुनावों का आयोजन छात्र राजनीति और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
13 में से 8 राज्य विश्वविद्यालयों में सफलता
एबीवीपी के आंकड़ों के अनुसार, संगठन ने राज्य के 13 विश्वविद्यालयों में से 8 में जीत दर्ज की। इन विश्वविद्यालयों में अध्यक्ष के 8, उपाध्यक्ष के 8, सचिव के 10 और सहायक महासचिव के 11 पदों पर उसके उम्मीदवार विजयी रहे। संगठन के मुताबिक, राज्य के कुल 337 शिक्षण संस्थानों में से 117 में एबीवीपी को बढ़त मिली, जबकि बीजू छात्र जनता दल (बीसीजेडी) ने 71 संस्थानों में और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने दो संस्थानों में जीत हासिल की।
उत्कल विश्वविद्यालय में पूरे पैनल की जीत, रावेंशा अध्यक्ष पद गंवाया
राज्य के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में एबीवीपी का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। उत्कल विश्वविद्यालय में संगठन ने पूरे पैनल पर जीत दर्ज की। वहीं, रावेंशा विश्वविद्यालय में अध्यक्ष पद को छोड़कर अन्य सभी पदों पर उसके उम्मीदवार विजयी रहे। हालांकि, रमा देवी महिला विश्वविद्यालय और रेवेनशा विश्वविद्यालय में मिली हार को स्वीकार करते हुए दीप्तिमयी प्रतिहारी ने संगठन की आंतरिक कमियों की समीक्षा करने की बात कही।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में प्रतिद्वंद्वी संगठनों ने धनबल और बाहुबल का इस्तेमाल किया। साथ ही स्पष्ट किया कि एबीवीपी केवल चुनाव के समय ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष विद्यार्थियों के अधिकारों, शैक्षणिक हितों और परिसर से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहेगी।
मोहन माझी ने बताया युवाओं के विश्वास का प्रतीक
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने छात्रसंघ चुनावों में एबीवीपी की जीत पर संगठन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं के अटूट विश्वास को भी दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान और एकता के आदर्शों पर आधारित एबीवीपी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की आवाज को मजबूती प्रदान कर सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव परिणाम राज्य के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा देंगे।
माझी ने नवनिर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों को उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनसे विद्यार्थी कल्याण, शैक्षणिक विकास और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। आठ साल बाद हुए इन चुनावों के परिणामों को राज्य के छात्र संगठनों के बीच राजनीतिक प्रभाव और छात्र समर्थन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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