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ओडिशा में मुख्यमंत्री ने 46 परियोजनाओं का किया शुभारंभ

  •      39,383 करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश से 42,512 रोजगार के अवसर होंगे सृजित

  •     14 जिलों में मध्यम और बड़े उद्योगों का विस्तार

  •     इस्पात, नवीकरणीय ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन क्षेत्रों में निवेश पर जोर

  •     औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिख रहा है ओडिशा – मोहन माझी

भुवनेश्वर। ओडिशा में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जाजपुर जिले के कलिंगनगर में 39,383 करोड़ रुपये के निवेश वाली 46 मध्यम एवं बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से राज्य में 42,512 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। राज्य सरकार इसे औद्योगिक विस्तार, निवेश आकर्षित करने और ओडिशा के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।

मुख्यमंत्री ने इस पहल को ओडिशा की दूसरी औद्योगिक क्रांति का ‘स्वर्णिम अध्याय’ बताते हुए कहा कि सरकार निवेश संबंधी प्रतिबद्धताओं को धरातल पर उतारकर चालू उद्योगों और रोजगार के अवसरों में बदलने पर ध्यान दे रही है।

फैलेगी औद्योगिक विकास की गतिविधियां

नई परियोजनाएं अनुगोल, बरगढ़, बालेश्वर, बौध, कटक, ढेंकानाल, जाजपुर, जगतसिंहपुर, केंदुझर, खोर्धा, मयूरभंज, पुरी, संबलपुर और सुंदरगढ़ जिलों में स्थापित की जाएंगी। इनके माध्यम से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करने की योजना है।

प्रमुख परियोजनाओं में जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड की कार्बन स्टील और स्टेनलेस स्टील से संबंधित योजनाएं तथा टाटा स्टील की सहायक औद्योगिक इकाइयां, स्लरी पाइपलाइन, पीसने और छनाई से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा इंडियन मेटल्स एंड फेरो अलॉयज लिमिटेड, जातिया स्टील लिमिटेड, बीके उत्कल स्टील और श्री एमके स्टील की परियोजनाओं से भी राज्य के औद्योगिक आधार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य सरकार अगले दशक में ओडिशा को 500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रही है। यह लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘पूर्वोदय’ दृष्टिकोण के अनुरूप पूर्वी भारत के आर्थिक विकास को गति देने की व्यापक योजना से जुड़ा है।

मुख्यमंत्री ने संतुलित क्षेत्रीय विकास पर भी जोर दिया। इसके तहत खनिज संपदा से समृद्ध जिलों में इस्पात उद्योगों, अंगुल और ढेंकानाल में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, खुर्दा में खाद्य प्रसंस्करण तथा विभिन्न जिलों में पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े निवेश को प्रोत्साहित करने की योजना है।

3.11 लाख करोड़ से अधिक के निवेश से जुड़ी परियोजनाएं

राज्य सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दो साल से कम अवधि में 151 परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया जा चुका है। इन परियोजनाओं से 3.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जुड़ा है और 2.40 लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। नवीनतम परियोजनाओं को शामिल करने के बाद शिलान्यास की जा चुकी परियोजनाओं का कुल निवेश मूल्य 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

सरकार का जोर निवेश प्रस्तावों को वास्तविक उत्पादन, औद्योगिक संचालन और रोजगार सृजन में बदलने पर है। हालांकि, घोषित रोजगार अवसरों का वास्तविक लाभ परियोजनाओं के समय पर पूरा होने और उनके संचालन पर निर्भर करेगा।

कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण और औषधि उद्योगों पर भी ध्यान

ओडिशा सरकार श्रम आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना पर भी काम कर रही है। कपड़ा एवं परिधान, खाद्य प्रसंस्करण और औषधि उद्योग जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि स्थानीय स्तर पर अधिक रोजगार पैदा हों और लोगों को काम की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े।

इसके लिए कपड़ा पार्क, आधुनिक कौशल प्रशिक्षण सुविधाओं और विश्व कौशल केंद्र जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से युवाओं को नए औद्योगिक क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल कार्यबल तैयार होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

560 औद्योगिक प्रस्तावों को मंजूरी

मुख्यमंत्री ने निवेशकों को सहयोग देने के लिए पारदर्शी एकल खिड़की मंजूरी व्यवस्था और अनुकूल औद्योगिक नीति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। राज्य सरकार के अनुसार, अब तक 560 औद्योगिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिनमें 12.07 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश शामिल है।

ओडिशा सरकार का लक्ष्य राज्य को देश के प्रमुख विनिर्माण और निवेश केंद्रों में स्थापित करना है। नई परियोजनाओं के माध्यम से औद्योगिक उत्पादन बढ़ाने, स्थानीय आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने और रोजगार के अवसरों का विस्तार करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। अब इन निवेश प्रस्तावों को निर्धारित समय में लागू करना और उनसे वास्तविक रोजगार पैदा करना राज्य के औद्योगिक विकास अभियान की महत्वपूर्ण कसौटी होगी।

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