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जुएल ओराम ने दिल्ली की रामलीला में निभाई निषादराज की भूमिका

  •     वनवास के दौरान भगवान श्रीराम का किया स्वागत और आतिथ्य सत्कार

भुवनेश्वर। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम बुधवार को अभिनेता की भूमिका में नजर आए। उन्होंने दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित लव-कुश रामलीला में रामायण के प्रमुख पात्र और जनजातीय राजा निषादराज की भूमिका निभाई।

ओराम ने निषादराज के उस प्रसंग का मंचन किया, जिसमें वे वनवास के दौरान भगवान श्रीराम का स्वागत करते हैं और उनका आतिथ्य सत्कार करते हैं। इस प्रसंग में भगवान श्रीराम और जनजातीय राजा के बीच आत्मीय संबंधों को दर्शाया गया है। अगले दिन निषादराज भगवान श्रीराम को विदाई देते हैं।

इस भव्य रामलीला का हिस्सा बनने पर आभार व्यक्त करते हुए ओराम ने कहा कि उनके लिए यह सम्मान की बात है।

उन्होंने कहा कि निषाद राज का चरित्र भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा का प्रतीक है, जहां मित्रता और मानवीय मूल्यों को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। इस ऐतिहासिक रामलीला में इस प्रेरणादायी चरित्र को जीवंत करना मेरे लिए अत्यंत भावुक, गौरवपूर्ण और आध्यात्मिक अनुभव रहा।

उन्होंने कहा कि मैं निषादराज की भूमिका निभाने का अवसर देने के लिए लव-कुश रामलीला समिति के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। निषादराज वन के राजा और जनजातीय एवं पिछड़े समुदायों के नेता थे।

अपनी भूमिका के बारे में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्हें वनवास के दौरान भगवान श्रीराम के आगमन पर उनका स्वागत करना है और अगली सुबह उन्हें विदाई देनी है। उन्होंने इस अनुभव को यादगार बताया।

अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए ओराम ने कहा कि उन्होंने संयोगवश राजनीति में प्रवेश किया था और कभी नहीं सोचा था कि वे इस मुकाम तक पहुंचेंगे।

उन्होंने कहा कि मैंने केवल चुनाव लड़ने के बारे में सोचा था और पार्टी के लिए काम करना शुरू कर दिया। लेकिन पार्टी ने मुझे अवसर दिया और लोगों ने मुझे समर्थन एवं स्नेह दिया। इसी कारण आज मैं इस पद तक पहुंचा हूं।

अपने अभिनय की शुरुआत के बारे में ओराम ने कहा कि वे इस चरित्र के साथ न्याय करने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने सफलता का निश्चित दावा करने से परहेज किया, लेकिन विश्वास जताया कि वे इस भूमिका को अच्छी तरह निभा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि चूंकि मैं उसी समुदाय से हूं और निषादराज का वंशज हूं तथा उसी परंपरा से आता हूं, इसलिए उनके कुछ गुण मुझमें भी अवश्य होंगे। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा और मुझे विश्वास है कि मैं सफल रहूंगा।

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