विजयवाड़ा। आंध्र प्रदेश में चिकित्सा अनुसंधान और शिक्षा में डॉ. एनटीआर स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (एनटीआरयूएचएस), विजयवाड़ा और आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच) ने आज विश्वविद्यालय परिसर में आधिकारिक तौर पर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसे चिकित्सा के क्षेत्र में एक मील के पत्थर के रूप में माना जा रहा है। यह समझौता आगामी 5 वर्षों तक प्रभावी रहेगा ।
इस समझौता ज्ञापन पर सीसीआरएच के महानिदेशक डॉ. सुभाष कौशिक और . एनटीआरयूएचएस के रजिस्ट्रार डॉ. टी. साई सुधीर द्वारा, माननीय कुलपति डॉ. पी. चंद्रशेखर की उपस्थिति में औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए।
इस हस्ताक्षर समारोह में दोनों संगठनों के अनुसंधान अधिकारी (वैज्ञानिक-2) और समन्वयक, सीसीआरएच, नई दिल्ली की डॉ. अनुप्रिया, डॉ. एनटीआरयूएचएस
की अनुसंधान निदेशक डॉ. एम. लक्ष्मी सूर्य प्रभा, क्षेत्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान (RRIH), गुडीवाडा के सहायक निदेशक (सेवानिवृत्त) डॉ. कोल्ली राजू,
सीसीआरएच, गुडीवाडा के प्रभारी सहायक निदेशक,डॉ. किशन बानोथ तथा एएसआर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य प्रो. डॉ. आनंद कुमार पिंगली समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि डॉ. एनटीआरयूएचएस अंतर-विषयक और एकीकृत स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने के क्रम में आंध्र प्रदेश भर में 536 स्वास्थ्य विज्ञान संस्थानों के लिए एकीकृत विश्वविद्यालय के रूप में कार्य करता है, जो आधुनिक चिकित्सा, दंत चिकित्सा, आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, नर्सिंग और फिजियोथेरेपी से जुड़े 133 विशिष्ट पाठ्यक्रम प्रदान करता है।
यह 5 वर्षीय साझेदारी होम्योपैथिक संस्थानों को आंध्र प्रदेश के बहु-विषयक मेडिकल कॉलेजों के साथ सीधे सहयोग करने के लिए एक गतिशील मंच प्रदान करती है। एकीकृत चिकित्सा के लिए भारत सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप, संयुक्त अनुसंधान निम्नलिखित क्षेत्रों
पूरक चिकित्सीय पद्धतियां,
अंतर-विषयक अनुप्रयोग, दंत चिकित्सा, फिजियोथेरेपी और विशेष नर्सिंग प्रोटोकॉल के भीतर होम्योपैथिक एकीकरण की खोज करना, साक्ष्य-आधारित मॉडल, विभिन्न उपचार के तौर-तरीकों और चिकित्सीय परिणामों का मूल्यांकन करने के लिए नैदानिक अध्ययन आयोजित करती है।
समझौते का मुख्य दायरा
नवीनीकरण के प्रावधान के साथ पांच साल के लिए वैध यह समझौता, स्वास्थ्य सेवा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, जीवन विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में सहयोगात्मक विकास के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है
इनके अलावा यह संस्थान संसाधन और विशेषज्ञता का साझाकरण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताएं: महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंताओं को लक्षित करने वाली सहयोगात्मक अनुसंधान परियोजनाओं का संचालन, शैक्षणिक आदान-प्रदान: राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार, कार्यशालाएं, क्षमता-निर्माण कार्यक्रम और प्रशिक्षण मॉड्यूल का संयुक्त आयोजन करती है। इसके अलावा यह संस्थागत सहायता, अध्ययन के डिजाइन, वित्त पोषण और नैदानिक निष्पादन का विवरण देने वाले परियोजना-विशिष्ट प्रोटोकॉल का विकास करने के साथ ही “रोगी की देखभाल के अंतिम लाभ के लिए चिकित्सा की विभिन्न प्रणालियों में अनुसंधान हमारा प्राथमिक दृष्टिकोण है। सभी स्वास्थ्य सेवा विषयों को समाहित करने वाले एक छत्र विश्वविद्यालय के रूप में, डॉ. एनटीआरयूएचएस होम्योपैथी को आधुनिक चिकित्सा, दंत चिकित्सा, आयुष, नर्सिंग और फिजियोथेरेपी के साथ जोड़ने के लिए अद्वितीय रूप से सक्षम है। यह समझौता ज्ञापन आंध्र प्रदेश में साक्ष्य-आधारित एकीकृत स्वास्थ्य सेवा के लिए एक ऐतिहासिक छलांग के प्रतीक मानाज रहा है।
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